कोरबा: भू-विस्थापितों का घर तोड़ने पहुंची प्रशासन की टीम, प्रभावित लोगों ने किया विरोध; बिना कार्रवाई लौटी


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कोरबा,05अप्रैल 2025 : कोरबा। जिले में SECL की गेवरा परियोजना से प्रभावित मलगांव में भू-विस्थापित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण उचित मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन और प्रशासन के बीच के मामले में केसीसी कंपनी की भूमिका संदिग्ध है। उनका मानना है कि यह डर का माहौल बनाने का प्रयास है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने पर वे स्वयं गांव खाली कर देंगे।

हाल ही में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर सीएमडी बिलासपुर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा था। एक सप्ताह भी नहीं बीता कि शुक्रवार सुबह प्रशासन की टीम गांव में घरों को तोड़ने पहुंच गई। वहीं, विरोध के बाद टीम वापस भी लौट गई।

भू-विस्थापित के घर तोड़ने पहुंची प्रशासन की टीम

करोड़ों रुपए का मुआवजा हड़पने का आरोप

दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा और केसीसी कंपनी के मुंशी विकास दुबे अपने लोगों के साथ कार्रवाई के लिए पहुंची। इसी बीच मलगांव में एक औक मामला सामने आया है। एसडीएम कार्यालय के बाबू मनोज गोविल और कथित श्रमिक नेता श्यामू जायसवाल पर फर्जी निवास दिखाकर करोड़ों रुपए का मुआवजा हड़पने का आरोप है। इस मामले की जांच अभी लंबित है।

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विरोध के बाद प्रशासनिक टीम लौटी

ग्रामवासियों की मांग है कि फर्जी मुआवजे की जांच जल्द पूरी की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते प्रशासनिक टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।