दिनदहाड़े लूट, देर से रिपोर्ट — पुलिस को फिर खुली चुनौती?11.80 लाख नकद और लैपटॉप लेकर फरार हुए तीन युवक, एफआईआर में चार घंटे की देरी से बढ़ी साजिश की आशंका

बम्हनीडीह/जांजगीर-चांपा। संवाददाता।
जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कानून से ऊपर साबित हो रहे हैं। बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के पूछेली गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे तीन अज्ञात युवकों ने 11 लाख 80 हजार रुपये नकद और एक लैपटॉप की लूट की वारदात को अंजाम देकर पुलिस की सक्रियता पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।

लूट की यह वारदात उस वक्त हुई जब गिरीश देवांगन नामक व्यक्ति एक निजी कार्य के तहत उक्त राशि लेकर बैंक की ओर रवाना हो रहा था। रास्ते में तीन युवकों ने उसकी गाड़ी को जबरन रुकवाया, धमकी दी और बैग समेत लैपटॉप छीनकर फरार हो गए।

???? एफआईआर में चार घंटे की देरी, खड़े हुए कई सवाल

घटना के बाद एफआईआर शाम 5 बजे दर्ज कराई गई, यानी करीब चार घंटे की देरी से। इस देरी ने न सिर्फ पुलिस की शुरुआती जांच को प्रभावित किया, बल्कि मामले को संदेह के घेरे में भी ला दिया है।

???? पुरानी लूट की परछाई फिर ताज़ा

यह मामला जिले में 78 लाख की शराब भट्टी लूट की याद दिलाता है, जिसे आज तक पुलिस सुलझा नहीं पाई। साथ ही कोतवाली थाना क्षेत्र की लगातार हो रही उठाईगिरी और झपटमारी की घटनाओं पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

  ब्रिलियेंट पब्लिक स्कूल मे कक्षा सातवी के टापर बने प्रियांश

पुलिस के सामने दोहरी चुनौती

लूट की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है—
1. अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी
2. जनता का डगमगाता भरोसा फिर से बहाल करना

बम्हनीडीह पुलिस ने नाकेबंदी कर आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्य जुटाने की कोशिश जारी है।

जांच के पहले ही उलझा पूरा मामला

सूत्रों के अनुसार, पीड़ित गिरीश देवांगन द्वारा पुलिस को पहले मौखिक रूप से कुछ अलग बयान दिए गए थे, जबकि लिखित शिकायत में कुछ अन्य तथ्य जोड़े गए हैं, जिससे पुलिस की शुरुआती जांच संशय के घेरे में है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस इस चुनौती से कैसे निपटती है — क्या यह लूट की एक सुनियोजित साजिश थी, या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी भूमिका भी है?
जांच का अगला कदम इन तमाम सवालों का जवाब देगा।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.