फांसी की रस्सी पास रखकर जुआ खेलने से जीत का टोटका इस्तेमाल करने दोस्त को ही फांसी पर लटका शव दफनाया, तीन साल बाद खुलासा


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बिलासपुर- फांसी की रस्सी पास रखकर जुआ खेलने से हमेशा जीत होने का टोटका तांत्रिक द्वारा बताने पर नाबालिकों ने अपने ही साथी की हत्या कर दी। युवक की गला घोंट कर हत्या के बाद पेड़ पर फांसी लगाकर दोस्त के शव नाबालिकों ने टांग दिया। फिर खेत खोदकर दफना दिया। मामले का खुलासा तीन साल बाद हुआ और शव बरामद कर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वही जांच में यह भी पता चला कि पहली हत्या के बाद नहीं पकड़ाने पर आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए थे और उन्होंने दूसरे हत्याकांड को भी अंजाम दे डाला था।

तीन साल पहले मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार चौकी क्षेत्र के मल्हार वार्ड नंबर 10 निवासी 19 वर्षीय विकास कैवर्त पिता ईश्वर प्रसाद कैवर्त 12 नवंबर 2020 धनतेरस के दिन से लापता था। 23 नवंबर को इसकी गुमशुदगी मल्हार चौकी में दर्ज करवाई गई थी। तब से युवक लापता था। युवक की तलाश के लिए परिजन लगातार 3 सालों से थाने के चक्कर काटते रहे थे। पहले पता युवक का कोई पता नहीं चल रहा था। इस दौरान जिले में संतोष सिंह पुलिस अधीक्षक बन कर आए। उनसे लापता युवक के परिजनों में मुलाकात कर 3 साल से युवक के लापता होने की जानकारी दी और तलाश करने की गुहार लगाई। जिस पर एसपी संतोष सिंह ने युवक की तलाश हेतु मस्तूरी थाना, मल्हार चौकी व सायबर की टीम को एक्टिव किया। मुखबिर तंत्र को भी एक्टिव करने के निर्देश एसपी ने दिए।

शराबखोरी के दौरान उगला सच:–

इस दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग शराब के नशे में दीपावली के दिन अचानक से लापता हुए विकास केवर्त की हत्या कर शव खेत में गाड़ने की बात कर रहें है। सूचना पर पुलिस ने तीनों संदेहियो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तब हत्याकांड का खुलासा हो गया और संदेहियों ने लापता विकास की हत्या कर मल्हार स्थित हथनी तालाब में शव को दफनाने की बात स्वीकार कर ली। खुलासे पर पुलिस टीम तीन माह पहले 12 अक्टूबर को खेत की खुदाई के लिए पहुंची थी। पर जमीन गीली होने की वजह से पुलिस को सफलता नहीं मिली। दूसरी तरफ खेत में धान की फसल भी खड़ी थी इसलिए किसान ने खेत के धान को काटने के बाद खुदाई का आग्रह किया। जिस पर पुलिस मान गई और उस वक्त हिरासत में लिए आरोपियों को लाश की बरामदगी के अभाव में छोड़ना पड़ा।

सातवें गड्ढे में मिली लाश:–
तीन माह बाद खेत सूखने पर पुलिस ने एसडीएम से परमिशन लेकर संदेही नाबालिकों की मौजूदगी में खेत की खुदाई करवाई। इस दौरान तीन माह तक लगातार पुलिस नाबालिकों पर नजर रख रही थी ताकि वह फरार ना हो जाए। 6 घंटे की खुदाई के बाद सातवें गड्ढे में लापता युवक का कंकाल मिल गया। तहसीलदार अभिषेक राठौर व फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम की उपस्थिति में 8 जनवरी को खेत की खुदाई करवाई गई। फोरेंसिक टीम ने शव को सुरक्षित कर संग्रहण किया है। शव विकास का है या नहीं इसके लिए पुलिस डीएनए जांच करवाएगी।

फांसी के रस्सी को लेकर जुआ खेलने से जीत का था टोटका, इसलिए दोस्त की कर दी हत्या:·

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हिरासत में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय भानू के साथ विकास का लेनदेन का विवाद था। 12 नंबर 2020 की रात को 9 बजे तीनों नाबालिक व भानू घूमने निकले थे। इस दौरान उन्हें तालाब के पास विकास केवर्त मिला। भानु व विकास के बीच पैसे के लेन देन का विवाद हो गया।

नाबालिकों ने यह भी बताया कि उन्हें किसी तांत्रिक ने यह टोटका बताया था कि कोई व्यक्ति जिस रस्सी से फंदा बनाकर फांसी लगाकर मर जाता है। उस फंदे की रस्सी को पास रखकर जुआ खेलने से कभी हार नही होती हमेशा जीत होती है। विकास से विवाद के दौरान आरोपियों को यह रस्सी जुटाने का बेहतर मौका लगा। और चारों ने बेरहमी से विकास को पीट पीट कर अधमरा कर दिया। फिर कपड़े से फंदा बना विकास को फांसी पर लटका दिया। उसकी दम घुट कर मौत होने के बाद उसके शव को फंदे से उतार हथनी तालाब के पास खेत में गाड़ दिया। हत्या के वक्त आरोपी अजय भैना 19 साल का था। बाकी नाबालिक 13,17 व 14 साल के

पहले हत्याकांड में ना पकड़ाने पर हुए हौसले बुलंद, फिर दिया दूसरे हत्याकांड को अंजाम:–

आरोपियों के हौसले विकास की हत्या के बाद भी ना पकड़ाने पर बुलंद हो गए और विकास की हत्या के 1 साल बाद दूसरे हत्या को अंजाम दे डाला। दूसरी हत्या उन्होंने अपने ही साथी 35 वर्षीय दीपक लोहार की कर दी थी। दीपक लोहार मल्हार का निवासी था। विकास के लापता होने के करीब साल भर बाद मल्हार के पुरातत्व स्थल पर मिट्टी में दबा एक युवक का शव मिला था शव की शिनाख्त मल्हार निवासी दीपक लोहार (35) के रूप में हुई थी। दीपक 6 दिनों से घर से लापता था।

पुलिस को जांच में पता चला कि आखरी बार वह अजय और मणि शंकर के साथ देखा गया है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले पूछताछ की तब दीपक लोहार की हत्याकांड का खुलासा हुआ और दोनों आरोपियों के घर से दीपक की खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद हुई थी।

पूछताछ में जानकारी मिली कि अजय भैना, व मणिशंकर के साथ ही विकास की हत्या में शामिल नाबालिक भी दीपक की हत्या में शामिल थे। अजय भैना व मणिशंकर के साथ नबालिको व दीपक ने मिलकर एक बाइक चोरी की थी। जिसको अकेले दीपक ने बेच कर रकम रख ली थी। बाकी लोगों को दीपक ने हिस्सा नहीं दिया। जिस पर सभी ने मिलकर दीपक की कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी और उसके शव को दफना दिया। पर वह मामला किसी तरह खुल गया। जिसमें पुलिस ने अजय भानू सहित सभी नाबालिको को गिरफ्तार किया था। नाबालिक बाल संप्रेक्षण गृह में थे और जमानत पर छूट गए। जबकि अजय भानू दीपक की हत्या के मामले में सेंट्रल जेल बिलासपुर में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद है। उसे जमानत नहीं मिल पाई है। अब पुलिस उसे विकास केवर्त की हत्या में ट्रांजिट रिमांड में गिरफ्तार करने की तैयारी में है।

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