
CG Crime News:– सर्राफा व्यवसायी से लूट कांड में यूपी पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 70 से अधिक आपराधिक मामले

Bilaspur, बिलासपुर। बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी से हुई बड़ी लूट का पर्दाफाश पुलिस ने मात्र 24 घंटे में कर दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस घटना के मास्टरमाइंड और गिरोह के सरगना विजय लांबा के खिलाफ 70 से अधिक मामले दर्ज हैं। आईजी रामगोपाल गर्ग ने आज मामले का खुलासा किया।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि यह वारदात 17 फरवरी की रात लगभग 9.15 बजे जिला बिलासपुर के थाना सरकंडा क्षेत्र के राजकिशोर नगर में हुई। अज्ञात सशस्त्र अपराधियों ने बसंत विहार चौक, सरकंडा स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी को निशाना बनाया। संतोष तिवारी प्रतिदिन की तरह दुकान बंद कर ज्वेलरी और समान अपने निवास राजकिशोर नगर ले जा रहे थे, जिनका वाहन रिनॉल्ट क्विड CG 10 AH 7701 था।
घटना स्थल के पास पहले से खड़ी एक ईको मारुति कार ने उनकी कार को टक्कर मारकर रोका। कार से उतरते ही अपराधियों ने गाली-गलौज शुरू की और पिस्टल व हथौड़े से हमला किया। संतोष तिवारी चिल्लाते हुए अपने घर की ओर भागे, जबकि अपराधियों ने चार बड़े बैग में रखे सोने के आभूषण (2 किलो सोना, 200 ग्राम जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड) और 3.5 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित के भाई विवेक तिवारी की रिपोर्ट पर थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 126 (2), 109, 309 (6), 311 BNS और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
घटना की सूचना मिलते ही आईजी रामगोपाल गर्ग, ASP मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, CSP निमितेश सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिलासपुर और रेंज के सभी जिलों में नाकाबंदी का आदेश दिया और पुलिस की विभिन्न टीमों को अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए लगाया। जांच में CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक जांच के साथ इलाके, बस्तियों और होटलों की सघन पड़ताल भी शामिल रही।
तलाशी के दौरान घटना स्थल से एक सफेद ईको कार, पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 10 जिंदा कारतूस और एक हथौड़ा बरामद हुआ। लूटी गई क्विड कार ग्राम उत्तम और परसही के बीच लावारिस मिली, जिससे फिंगरप्रिंट मिलान कार्य प्रारंभ किया गया। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी बिहार या उत्तर प्रदेश की तरफ भाग सकते हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से मिर्जापुर जिले में घेराबंदी कर 18 फरवरी की रात विनोद उर्फ बीनू और करीम खान को 120 कार के साथ, जबकि जंगल में छिपे विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा इमरान को भी स्कार्पियो वाहन के माध्यम से रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपीगण के खिलाफ अहरौरा थाने में अपराध क्रमांक 35/26 एवं 36/26 धारा 109, 317 (2) BNS और 3, 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
लूट के दौरान बरामद ज्वेलरी और नकदी यूपी पुलिस ने जब्त कर ली। मास्टरमाइंड विजय लांबा एक शातिर अंतरराज्यीय अपराधी है, जिसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 70 से अधिक मामले दर्ज हैं। दिसंबर में हुई एक अन्य घटना में भी उसका नाम सामने आया था, जिसकी पुष्टि पूछताछ के दौरान की जाएगी।
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, अपुअ जांजगीर उमेश कश्यप, नपुअ निमितेश सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस अंषिका जैन, निरीक्षक प्रदीप आर्य, एससीसीयू के हेमंत आदित्य, उप निरीक्षक नारायण ठाकुर, बीएम बनाफर, सउनि शैलेन्द्र सिंह, प्रवीण लाल, प्रआर० राजेश्वर, प्रमोद सिंह, शोभित केवट, आर० महेश आनंद, टंकेश साहू, योगेष साहू, मिथलेष सोनी, विवेक चंदेल, सत्य कुमार पाटले, संजीव जागड़े, विवेक राय और जिले के अन्य पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपीगण:
1. विजय लांबा, पिता राम लाल, निवासी ओम बिहार, उत्तम नगर, द्वारका, दिल्ली
2. मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित, पिता स्व. सुन्दर, निवासी सोरखा सेक्टर 113, गौतमबुद्ध नगर, यूपी
3. विनोद उर्फ बीनू प्रजापति, पिता सुखलाल प्रजापति, निवासी दादाबाड़ी, कोटा, राजस्थान
4. करीम खाम, पिता वसीम खान, चकमहमूद, सकलेन नगर, बरेली, यूपी
5. ईरफान अली, पिता अकरम अली, उम्र 32 वर्ष, निवासी टिकरा पारा, बिलासपुर
आईजी रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में बिलासपुर पुलिस ने इस दुस्साहसिक वारदात को चुनौती मानकर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

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