बिहार के पेपर गैंग के 5 शातिर गिरफ्तार


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बिलासपुर । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के द्वारा यात्री संबंधित अपराधों की रोकथाम हेतु यात्री सामानों की चोरी से प्रभावित गाड़ियों का विश्लेषण करते हुए अपराध गुप्तचर शाखा, बिलासपुर के द्वारा लगातार गुप्त निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में दिनांक 07 फ़रवरी, 2025 को गाड़ी संख्या 58214 (टिटलागढ़ पैसेंजर) में एक महिला यात्री के बैग से करीबन 7 तोला सोने की आभूषण कीमत लगभग 6,00,000 (छः लाख) रूपये की चोरी होने की रेल मदद के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई।

 

यात्री द्वारा जीआरपी, रायगढ़ में एफआईआर दर्ज कराया गया। प्राप्त शिकायत पर कर्मपाल सिंह गुर्जर, अपराध गुप्तचर शाखा, बिलासपुर, रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, बिलासपुर एवं कोरबा की तत्काल एक टीम गठित की गई और शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर सीसीटीवी फूटेज और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए दिनांक 08 फ़रवरी, 2025 को कर्मपाल सिंह गुर्जर, निरीक्षक अपराध गुप्तचर शाखा, बिलासपुर एवं उनकी टीम द्वारा मामले में संलिप्त 5 आरोपियों को किरोड़ीमल नगर, रायगढ़ से चोरी किए गए कुल-6,00,000 रूपये की संपत्ति के साथ गिरफ्तार किया गया।

 

गिरफ्तार सभी आरोपी न्यूजपेपर गैंग (मंडल गैंग), बिहार के रहने वाले है। पूछताछ के दौरान पाया गया है कि सभी आरोपी यात्री सामानों की चोरी के आदतन अपराधी है, जो भारत के अलग-अलग राज्यों में रेल यात्री संबधित अपराध मौका पाकर करते है। सभी आरोपियों को संबंधित जीआरपी को जप्त संपत्ति के साथ कानूनी कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया।

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आरोपियों द्वारा आमतौर पर लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में अकेली महिलाओं या छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे, जो अपना सामान पैसेंजर ट्रेन के लगेज कैरियर पर रख देती थीं। उनमें से एक या दो सदस्यों ने ट्रॉली बैग के पास लगेज कैरियर पर बैठने की व्यवस्था कर लेते है, एक सदस्य पीड़ित से बातचीत शुरू करता है, जबकि दूसरा अखबार को कवर के रूप में इस्तेमाल करता है, और तीसरा कीमती सामान चुराने के लिए स्क्रूड्राइवर या तेज औजार की मदद से ट्रॉली बैग का ज़िप खोलता है। वे अगले स्टेशन पर जाने से पहले छेड़छाड़ को छिपाने के लिए तुरंत फेविक्विक चिपकाने वाले पदार्थ और वैसलीन का उपयोग करके जिपर को सील कर देते हैं ।