
नकटी न्याय यात्रा के कारण शहर की प्रमुख सड़क पर यातायात प्रभावित, एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को हुई परेशानी; कांग्रेस ने बैज के पैर में दर्द और पुरानी मोच को बताया वजह।
रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से निकाली गई 14 किलोमीटर लंबी न्याय पदयात्रा का असर मंगलवार को राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। VIP रोड पर कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों समेत आम लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। इसी बीच पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज करीब 100 मीटर पैदल चलने के बाद पैर में दर्द का हवाला देते हुए वाहन से राजभवन के लिए रवाना हो गए।
VIP रोड पर रेंगती रही ट्रैफिक
पदयात्रा के चलते VIP चौक से लेकर राजभवन मार्ग तक यातायात कई स्थानों पर धीमा पड़ गया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बैरिकेडिंग की थी और कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद दोपहर के समय लंबा जाम लग गया।
जाम में फंसे कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़े, जबकि कार्यालयों से लौटने वाले लोगों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
प्रदेश अध्यक्ष का बदला सफर
यात्रा की शुरुआत में दीपक बैज पैदल चल रहे थे, लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उन्होंने वाहन का सहारा लिया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार उनके पैर में पहले से मोच थी और यात्रा के दौरान दर्द बढ़ने के कारण वे आगे पैदल नहीं चल सके।
कार्यकर्ता पैदल, नेतृत्व वाहन से आगे
दीपक बैज के वाहन से रवाना होने के बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेता और प्रभावित परिवार पैदल मार्च जारी रखते रहे। महिलाओं ने “नकटी में ही घर बनाकर दो” के नारे लगाते हुए गांव में ही पुनर्वास की मांग दोहराई।
राजनीतिक चर्चा और जन असुविधा दोनों बनीं सुर्खियां
नकटी न्याय यात्रा का उद्देश्य सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था, लेकिन दिनभर दो बातें सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं—एक ओर VIP रोड पर लगा लंबा जाम और दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का शुरुआती दूरी के बाद वाहन से राजभवन रवाना होना। दोनों घटनाक्रम पूरे दिन राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बने रहे।

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