वन विभाग की खुली मिलीभगत खुलेआम लूटी जा रही है अरपा नदी की रेत

रेंजर–डिप्टी रेंजर पर लापरवाही नहीं, सीधी मिलीभगत के आरोप — अवैध रेत खनन को खुली छूट!

बिलासपुर / रतनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम आमामुड़ा स्थित धोबघाट में अवैध रेत खनन ने बेकाबू और भयावह रूप ले लिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला अधिकारी रेंजर,और डिप्टी रेंजर पर कड़े और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विभाग के ये अधिकारी खनन माफिया के सामने पूरी तरह समर्पण कर चुके हैं।

माफिया,दिन में भी रौंद रहे फॉरेस्ट लैंड — और विभाग सो रहा है, या सोने का नाटक कर रहा है। अरपा नदी के किनारे फॉरेस्ट लैंड पर ट्रैक्टर, दिन-रात रेत लूट रहे हैं, और वन विभाग का पूरा अमला चुप्पी साधे बैठा है।

रेंजर माफिया को खुला रास्ता – डिप्टी रेंजर व वन विभाग के कर्मचारी अवैध ट्रांसपोर्ट को देख कर भी देखने से इनकार कर रहा है

पिछले साल की कार्रवाई — सिर्फ दिखावा!ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पिछले साल की कार्रवाई केवल ढोंग और दिखावा थी। जप्त किए गए हाईवा, ट्रैक्टर और पोकलेन को कुछ ही दिनों में रसूखदारों के दबाव में चोरी-छिपे छोड़ दिया गया, और उसके बाद से विभाग के अधिकारी अवैध खनन पर जानबूझकर पर्दा डालते आ रहे हैं।

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ग्रामीणों का आरोप बेहद गंभीर है—अब स्थिति यह है कि फॉरेस्ट लैंड से रेत माफिया खुलेआम रेत निकाल रहे हैं, डंप कर रहे हैं, ट्रैक्टर की लाइनें निकल रही हैं—और विभाग का पूरा स्टाफ गहरी नींद में है या गहरी मिलीभगत में है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि – अवैध रेत खनन परिवहन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और घेराव करने मजबूर होंगे।

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