NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट जारी कर इस्तीफे के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि देश की एकता, छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अपने बयान में स्वीकार किया कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले दिन से ही उन्होंने पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई और 16 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम संतोषजनक रहे।

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अपने इस्तीफे के फैसले पर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बने हालात और जंतर-मंतर सहित देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है, ताकि राष्ट्रविरोधी ताकतें स्थिति का लाभ न उठा सकें और छात्रों का भविष्य किसी कानूनी विवाद में न उलझे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का समय आंदोलन में नहीं, बल्कि पढ़ाई और करियर निर्माण में लगना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और भविष्य में भी वे देश, ओडिशा तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्रों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप भी लगाया था।

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