सोनम वांगचुक के अनशन को मिला जनसमर्थन: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने रखा एक दिवसीय उपवास

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के अधिकारों की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक का संघर्ष अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। उनके छठे दिन के अनशन के दौरान, शुक्रवार को सोशल मीडिया अभियान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थकों ने भी उनके प्रति एकजुटता दिखाते हुए एक दिवसीय उपवास रखा।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

लगातार छह दिनों के उपवास के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य चिंताजनक स्तर तक गिर गया है। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को उनका शुगर लेवल गिरकर 60 mg/dL तक पहुंच गया था और ब्लड प्रेशर भी काफी कम दर्ज किया गया है। उनकी शारीरिक स्थिति में आ रही गिरावट को देखते हुए समर्थकों और लद्दाख के लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है।

सोशल मीडिया पर एकजुटता की मुहिम

सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (X) हैंडल पर इस समर्थन की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा:

“हमारी पूरी टीम आज सोनम वांगचुक के समर्थन में उपवास पर बैठी है। उनकी सेहत निरंतर गिर रही है, ऐसे में सामूहिक समर्थन ही उनकी ताकत है। हम देशवासियों से अपील करते हैं कि वे भी इस मुहिम में शामिल हों और उनके हौसले को सलाम करने के लिए अपना वीडियो साझा करें।”

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लद्दाख के मुद्दों पर अटूट संकल्प

सोनम वांगचुक लद्दाख की विशिष्ट पहचान, पर्यावरण संरक्षण और वहां के निवासियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। जंतर-मंतर पर उनका यह अनशन सरकारी तंत्र का ध्यान आकर्षित करने का एक माध्यम बन चुका है। दीपके ने कहा कि वांगचुक का संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे लद्दाख के अस्तित्व का सवाल है, इसलिए जनता ने अब सड़कों पर उतरकर अपना नैतिक समर्थन देना शुरू कर दिया है।

सोनम वांगचुक के इस अनशन ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि सरकार उनकी मांगों पर कब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया देती है।

लेखन के लिए कुछ सुझाव:

अगर आप इसे किसी बड़े मीडिया हाउस के लिए लिख रहे हैं, तो अंत में आप ‘संवाददाता’ या ‘विशेष रिपोर्ट’ भी लिख सकते हैं।

यदि आपके पास सोनम वांगचुक या जंतर-मंतर के प्रदर्शन की कोई फोटो है, तो उसे इस आर्टिकल के साथ जरूर लगाएं, इससे प्रभाव और बढ़ जाएगा।

क्या आपको इस आर्टिकल में कुछ और विशेष जानकारी (जैसे लद्दाख की मुख्य मांगें क्या हैं) जोड़नी है?

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