पुलिस की बड़ी कार्रवाई: काँसे के बर्तन से लेकर टीवी-कम्प्यूटर और धान तक उड़ाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

बिलासपुर/रतनपुर। चोरों की नजर अब केवल जेवरात या नकदी पर नहीं, बल्कि धान और काँसे के बर्तनों पर भी है। रतनपुर थाना क्षेत्र के अकलतरी गांव में दो अलगअलग स्थानों पर हुई चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चोरी के माल के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

चोरी की वारदात:


दिनांक 3-4 जनवरी 2025 की दरमियानी रात अकलतरी निवासी गजानंद शर्मा और साश्वत शर्मा के सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरों ने घर के ताले तोड़े और धान, गेहूं, काँसे के बर्तन, चांदी की पायल, एलईडी टीवी, कम्प्यूटर सेट समेत भारी मात्रा में सामान पार कर दिया।

सूचना, मुखबिर और दबिश का कमाल:


पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू की। मुखबिर से सूचना मिली कि अकलतरी निवासी राजकमल धीवर के घर में चोरी का सामान छिपा है। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्ध राजकमल को हिरासत में लिया और जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो राजकमल ने अपने साथियोंजीतू धीवर, अकबर खान समेत अन्य के साथ मिलकर चोरी की बात कबूल ली।

  जेल में कैदियों से अवैध वसूली और मारपीट,   हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, जनहित याचिका मान सुनवाई शुरू

चोरी का माल और खरीदार भी सलाखों के पीछे:


चोरी का सामान बिलासपुर के कोनी इलाके में बेचा गया था। पुलिस ने चोरी की वस्तुएं खरीदने वाले तीन अन्य व्यापारियोंअनिल कसेर, अमन रात्रे और विवेक सावको भी गिरफ्तार किया। कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

बरामद मशरूका:

06 बोरी धान

01 नग कम्प्यूटर सेट

01 नग एलईडी टीवी

काँसे के बर्तन: 03 लोटा, 01 थाली, 03 हांडी (बटुआ), 01 छोटा हांडी, 03 बटकी

गिरफ्तार आरोपी:

  1. राजकमल धीवर (25 वर्ष) – धीव मोहल्ला, अकलतरी
  2. जीतू धीवर (20 वर्ष) – छोटी कोनी, दैहानपारा
  3. अनिल कसेर – कोनी
  4. अमन रात्रे – कोनी
  5. विवेक साव – कोनी
  6. अकबर खान (45 वर्ष) – अशोकनगर, अटल आवासपारा, सरकंडा

थाना प्रभारी नरेश चौहान की टीम ने दिखाई मुस्तैदी:


इस कामयाबी में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार चौहान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव, आरक्षक दिनेश कांत, महेन्द्र नेताम, सुदर्शन मरकाम, शशिकांत कौशिक की टीम का विशेष योगदान रहा। लगातार निगरानी, मुखबिर तंत्र और सटीक रणनीति ने इस चोरी के मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।