अक्षय तृतीया पर ना तो विवाह और ना ही कोई मांगलिक कार्य की तिथि,  शुक्र ग्रह के अस्त होने के चलते बनी ऐसी स्थिति




बिलासपुर।अक्षय तृतीया पर विवाह का एक भी मुहूर्त नहीं, ज्योतिषाचार्य पंडित जागेश्वर अवस्थी ने कही ये बड़ी बात
इस साल अक्षय तृतीया का पर्व 10 मई को मनाया जाएगा। हर साल इस अबूझ मुहूर्त में ढेरों शादियां होती हैं, लेकिन इस साल शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण शादी का एक भी मुहूर्त नहीं जब अक्षय तृतीया पर विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य नहीं किया जा सकेगा। विवाह के लिए 3 जुलाई को शुक्र ग्रह उदय होगा। इसके बाद ही विवाह के लिए मुहूर्त निकलेगा। इधर विवाह के लिए मुहूर्त नहीं होने से जिनकी सगाई तय हो चुकी है, उन्हें मांगलिक कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा  मुहूर्त नहीं होने के कारण मंगलिक कार्य पर रोक लग जायेंगे
3 जुलाई को उदय होगा। शास्त्र के अनुसार विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए इन ग्रहों का उदयमान रहना अनिवार्य है। जबकि अक्षय तृतीय का पर्व 10 मई को मनाया जाएगा। गुरू और शुक्र ग्रह को दाम्पत्य जीवन का आधार माना गया है। इन दोनों ग्रहों के अस्त होने से विवाह सहित मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा।


जुलाई में 9, 11 व 12 तारीख को शुभ मुहूर्त

पंडित जागेश्वर अवस्थी का कहना है कि देव पंचांग के अनुसार विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य के लिए जुलाई महीने में 9, 11 और 12 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं। इन तिथियों में विवाह किए जा सकेंगे। इसके बाद विवाह के लिए फिर से लोगों को 4 माह का इंतजार करना होगा। नवंबर महीने में 22, 23 और 27 तारीख को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद दिसंबर महीने से विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।

पुण्यस्नान की परंपरा
धर्म शास्त्रों में अक्षय तृतीय को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस दिन माता अन्नापूर्णा, भगवान लक्ष्मीनारायण की विशेष पूजा-अर्चना का विधान बताया गया है। इस दिन महानदी सहित त्रिवेणी संगम में  पुण्यस्नान करने की परंपरा का भी निर्वहन किया जाता है।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.