
गायत्री नगर जगन्नाथ मंदिर से निकली भव्य रथयात्रा, ‘छेरा-पहरा’ कर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दिया सेवा व समानता का संदेश।
रायपुर. राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से निकली पारंपरिक रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए और भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
रथयात्रा के शुभारंभ से पहले दोनों ने पारंपरिक ‘छेरा-पहरा’ की रस्म निभाई। सोने की झाड़ू से रथ मार्ग का प्रतीकात्मक शुद्धिकरण कर उन्होंने यह संदेश दिया कि भगवान के दरबार में सभी समान हैं और सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
सीएम बोले- रथयात्रा हमारी सांस्कृतिक पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व समाज को एकता, सेवा, समर्पण और सद्भाव के सूत्र में जोड़ने का कार्य करता है।

प्रदेश में अच्छी बारिश और किसानों की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ से प्रदेश में भरपूर वर्षा, किसानों की समृद्धि और बेहतर कृषि उत्पादन की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली खेती और किसानों से जुड़ी है तथा समय पर वर्षा पूरे प्रदेश के विकास की आधारशिला है।
पुरी की परंपरा का रायपुर में भव्य स्वरूप
ओडिशा के पुरी की तर्ज पर आयोजित इस रथयात्रा में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच भगवान की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना।
आस्था के साथ संस्कृति का भी उत्सव
छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत के कारण भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रदेश में विशेष श्रद्धा रही है। यही वजह है कि हर वर्ष रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहती, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सहभागिता का भी बड़ा उत्सव बन जाती है।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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