साजिश: दूसरों के नाम पर सिम लेता था, ठगी के बाद सबूत मिटाने के लिए सिम तोड़ देता था।
एक्शन: “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को दबोचा, नकदी बरामद।
कोरबा। “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा साइबर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। आसान किस्तों पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से ठगी की रकम भी बरामद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
साइबर थाना कोरबा में दर्ज अपराध क्रमांक 04/2026 (धारा 318(4), 319(2) BNS एवं 66(c), 66(d) IT एक्ट) के तहत पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि आरोपी यूट्यूब से साइबर ठगी के तरीके सीखता था। वह सीधे-साधे लोगों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवाता था, और ठगी करने के बाद सबूत मिटाने के लिए उन सिम कार्ड्स को नष्ट कर देता था।
इस तरह दी ठगी को अंजाम:
ताजा मामला (22 जून 2026): आरोपी ने रूमगढ़ा चौक की एक महिला व्यवसायी नोनी बाई यादव को ₹11,000 की मासिक किस्त पर ₹5 लाख का लोन दिलाने का लालच दिया।
डिजिटल धोखाधड़ी: आरोपी ने महिला के मोबाइल से PhonePe के जरिए ₹40,500 की राशि एक अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवा दी।
शातिराना चाल: जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए, उस खाताधारक को भी आरोपी ने लोन का झांसा देकर उसका QR कोड पहले से ले रखा था। पैसे आते ही आरोपी उस व्यक्ति को बैंक ले गया और नकद पैसे निकलवाकर खुद रख लिए।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम सेमरा, सक्ती, हाल मुकाम- रिस्दी, कोरबा) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि साल 2023 में भी उसने एक व्यक्ति से ₹40,000 की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹27,070 नगद बरामद किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहना:
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार चंद्रा, उप निरीक्षक अजय सोनवानी, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, और आरक्षक डेमन ओगरे, वीरकेश्वर प्रताप, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, श्याम सिदार, संजू सिंह व महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की मुख्य भूमिका रही।
???? कोरबा पुलिस की अपील:
किसी भी अज्ञात व्यक्ति के लोन, निवेश या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं। कोई भी ट्रांजैक्शन करने से पहले अच्छे से जांच कर लें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


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