Janjgir News:– लूट की कहानी निकली मनगढ़ंत: कर्ज में डूबे दीपेश ने रची थी फर्जी पटकथा, SP विजय पांडेय की टीम ने आधे घंटे में किया पर्दाफाश

Janjgir News:– जांजगीर जिले में 11 लाख 80 हजार रुपये की लूट की जो सनसनीखेज घटना सामने आई थी, वह झूठी साबित हुई है। भारी कर्ज में डूबे युवक ने खुद ही रकम गायब करने के लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने महज आधे घंटे में पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दीपेश देवांगन नामक युवक के घर से पूरी राशि बरामद कर ली है।

Janjgir जांजगीर। जांजगीरचांपा।शुक्रवार दोपहर पूछेली गांव में 11 लाख 80 हजार रुपये और एक लैपटॉप की लूट की खबर ने पुलिस महकमे को हाई अलर्ट पर ला दिया। सूचना मिलते ही एसपी विजय कुमार पांडेय (IPS) ने जिलेभर में नाकाबंदी के आदेश जारी कर दिए और सीमावर्ती जिलों को भी सतर्क कर दिया गया। चप्पेचप्पे पर तलाशी शुरू हुई, पुलिस की टीमें अलगअलग एंगल पर काम करने लगीं। लेकिन जैसेजैसे जांच आगे बढ़ी, कथित पीड़ित के बयान उलझते चले गए। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और घटनास्थल की बारीकी से की गई पड़ताल के बाद मामला अचानक नया मोड़ लेने लगा। कुछ ही घंटों में पुलिस को समझ गयायह कोई लूट नहीं, बल्कि एक कर्ज़ से बुरी तरह फंसे युवक की खुद रची गई कहानी है, जिसे सच्चाई की रोशनी में ज्यादा देर छिपाया नहीं जा सकता था। पुरा मामला बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम कछेली के पास का है। दीपेश देवांगन नामक युवक ने पुलिस को बताया कि वह बैंक में बड़ी रकम जमा करने जा रहा था। उसके बैग में 11 लाख 80 हजार रुपये नकद और एक लैपटॉप था। दोपहर करीब 1 बजे जब वह कछेली के पास पहुंचा, तभी तीन अज्ञात युवक बाइक से आए और उसका बैग छीनकर फरार हो गए। दीपेश ने शोर मचाने और बदमाशों का पीछा करने का दावा किया।

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पीड़ित युवक ने घटना की शिकायत शाम 5 बजे बम्हनीडीह थाने में जाकर दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत चारों ओर नाकाबंदी कर दी। एसपी विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिला और सीमावर्ती इलाकों की पुलिस अलर्ट पर गई। कई टीमों को अलगअलग दिशा में लगाया गया। घटनास्थल और संभावित मार्गों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए और साइबर तकनीक से भी ट्रेसिंग शुरू की गई। एसपी ने तत्काल एक विशेष जांच टीम भी गठित की थी।

इस दौरान एक टीम दीपेश देवांगन से लगातार पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में वह बारबार बयान बदलता रहा। साथ ही, उसने घटना की रिपोर्ट चार घंटे की देरी से कराई थी, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आखिरकार उसने फर्जी लूट की कहानी गढ़ने की बात स्वीकार कर ली।

दीपेश ने बताया कि वह कन्नौद निवासी दिलीप डक्सेना की छड़ दुकान में काम करता है। डक्सेना का धान खरीदबिक्री का व्यवसाय भी है। उसी ने दीपेश को 11.80 लाख रुपये की रकम बैंक में जमा करने भेजा था। लेकिन करीब 8 लाख रुपये के कर्ज से दबे दीपेश ने मालिक की रकम हड़पने की नीयत से खुद लूट का नाटक रच डाला।

पुलिस ने दीपेश के घर से पूरी रकम बरामद कर ली है। यह वही पैसा था जो दिलीप डक्सेना ने बैंक में जमा करने के लिए सौंपा था। पुलिस ने दीपेश देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने, धन गबन और पुलिस को गुमराह करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जल्द ही इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा करने वाली है।