CG NEWS:– धान उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार दुबे ने सौंपा मांग पत्र

CG NEWS:– प्रदेश में संचालित धान उपार्जन केंद्रों में व्याप्त प्रशासनिक और तकनीकी खामियों को लेकर भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ ने राज्य शासन का ध्यान आकर्षित किया है। प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रवीण कुमार दुबे ने राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि खरीफ विपणन वर्ष के दौरान धान खरीदी व्यवस्था में गंभीर कमियाँ सामने रही हैं, जिससे हजारों पात्र किसान धान विक्रय से वंचित रह रहे हैं।

Raipur रायपुर। प्रवीण कुमार दुबे ने बताया कि प्रदेश में लगभग 20 से 25 हजार पात्र किसानों का एग्रीटेक पंजीयन तकनीकी कारणों से अब तक पूरा नहीं हो पाया है। पंजीयन लंबित रहने के कारण ये किसान धान बेचने के अपने वैधानिक अधिकार का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने समिति स्तर पर भौतिक सत्यापन कर ऐसे किसानों को उपार्जन सुविधा देने की मांग की है।

उन्होंने वनभूमि पट्टाधारी किसानों की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया। दुबे ने कहा कि पूर्व वर्षों में इन किसानों का धान शासन द्वारा नियमित रूप से खरीदा जाता रहा है, लेकिन इस उपार्जन वर्ष में उन्हें व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने सभी पात्र पट्टाधारी किसानों को धान खरीदी प्रक्रिया में पुनः शामिल करने की मांग की।

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धान खरीदी के दौरान टोकन निर्गमन में रही जटिलताओं पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से बड़े और बहुफसली किसानों को टोकन मिलने में कठिनाई हो रही है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए ऑफलाइन टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग की।

इसके अलावा प्रतिदिन निर्धारित धान उपार्जन सीमा को वर्तमान परिस्थितियों में अपर्याप्त बताया गया और इसमें युक्तिसंगत वृद्धि की मांग रखी गई। साथ ही कई उपार्जन केंद्रों में धान के अत्यधिक भंडारण के कारण उठाव और परिवहन में देरी की समस्या भी सामने आई है।

प्रवीण कुमार दुबे ने शासन से आग्रह किया कि इन सभी समस्याओं पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु और किसान-हितैषी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों का हित सुरक्षित होगा, बल्कि पूरे विपणन वर्ष में धान खरीदी प्रक्रिया भी व्यवस्थित और भरोसेमंद बन सकेगी।

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