
रतनपुर-शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब स्वयं लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। बिना मानक और बिना चेतावनी संकेतों के बनाए गए ये ब्रेकर दुर्घटनाओं को रोकने के बजाय उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष लव कुश कश्यप ने इस स्थिति को गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि स्पीड ब्रेकर बनाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बड़ी चूक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्पीड ब्रेकर के पहले संकेत चिन्ह, चेतावनी बोर्ड और सड़क पर स्पष्ट पट्टियां होना अनिवार्य है, ताकि वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें।

पालिका अध्यक्ष के अनुसार, रतनपुर में कई स्थानों पर बिना किसी पूर्व सूचना के बने अमानक स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों के लिए अचानक खतरा बनकर सामने आ रहे हैं। खासकर रात के समय और तेज रफ्तार में ये ब्रेकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। यह स्थिति संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
हादसों के आंकड़े कर रहे खतरे का खुलासा
हादसों के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हैं।
महामाया चौक से खंडोबा नेशनल हाईवे तक वर्ष 2025 और 2026 में कुल 61 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इनमें 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि यह मार्ग लगातार जानलेवा साबित हो रहा है और सुधारात्मक कदमों की तत्काल जरूरत है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा की जल्द ही सभी स्पीड ब्रेकरों के आसपास संकेत चिन्ह लगाए जाएंगे, साथ ही सड़क पर सफेद–पीली पट्टियां भी खींची जाएंगी, ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को पहले से चेतावनी मिल सके और हादसों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
, यदि स्पीड ब्रेकर तय मानकों के अनुरूप नहीं बनाए गए तो वे सुरक्षा का उपाय नहीं, बल्कि मौत का जाल बन जाते हैं। रतनपुर में समय रहते सुधार नहीं हुआ तो दुर्घटनाओं का आंकड़ा और भयावह हो सकता है।

Leave a Reply