फूलों की होली की रही धूम वासंती गीतों पर झूम उठी महिलाएं ,आंचलिक कवियों ने बांधा समां


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रतनपुर–बाबू प्यारेलाल गुप्त सृजन पीठ रतनपुर द्वारा आयोजित फूलों की होली एवं वासंती सुर संध्या की धूम रही. श्रीराधा कृष्ण की चैतन्य झांकी के साथ करीब एक क्विंटल फूलों से होली खेली गयी. वहीं वासंती सुर संध्या में गायक गायिकाओं द्वारा प्रस्तुत एक से बढ़कर एक फागुनी गीतों से बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति थिरकते रहे
सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित फूलों की होली कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश तिवारी ,अध्यक्षता वरिष्ठ कवि रामेश्वर प्रसाद शांडिल्य ने की. विशिष्ट अतिथि के रुप में जिले के वरिष्ठ पत्रकार माणिक लाल सोनी जी, साहित्यकार काशी राम साहू ,हेमंत सिंह क्रांति , डी.के. दुबे, सरस्वती शिशु मंदिर के व्यवस्थापक डॉ. सुनील जायसवाल, युवा पत्रकार संजय सोनी सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव शिक्षाविद् शंकर लाल पटेल मंचस्थ रहे,
सर्वप्रथम अतिथियों ने मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया. इसके बाद सृजन पीठ के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों को तिलक लगाकर पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया. वासंती कवि सम्मेलन में प्रमोद कश्यप, डीके दुबे, अनिल गुप्ता, भानुप्रताप कश्यप, डॉ राजेंद्र कुमार वर्मा, ब्रजेश श्रीवास्तव, काशीराम साहू, हेमंत सिंह क्रांति, रामेश्वर प्रसाद शांडिल्य, दिनेश तिवारी ने अपने रसीले काव्यपाठ से श्रोताओं को रस विभोर कर दिया. द्वितीय चरण में वासंती सुर संध्या की महफिल सजी इसमें बिलासपुर के प्रसिद्ध भजन गायक मदन सिंह ठाकुर, सुरेशचंद्र पाठक, स्वर कोकिला श्रीमती लक्ष्मी कश्यप, धनंजय यादव के एक से बढ़कर एक फागुनी गीतों और ब्रज के रसिया गीतों पर श्रोता झूम उठे. भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं, वरिष्ठ साहित्यकारों तथा नागरिक गणों ने भी श्रीराधा कृष्ण के साथ जमकर नृत्य किया.
एक क्विंटल फूलों से मनी होली*
करीब एक क्विंटल गेंदा गुलाब व पलाश के फूलों से होली खेली गयी. लोग एक दूसरे पर पुष्पवर्षा कर रहे थे और झूमते नाचते आनंद निमग्न हो रहे थे.राधा कृष्ण को गोल घेरे के भीतर करके उसके चारों तरफ फूल उछाल कर नृत्य कर रही महिलाओं को देखकर प्रतीत हो रहा था कि ब्रज की होली यहीं जीवंत हो उठी है. विशिष्ट अतिथि डॉ सुनील जायसवाल ने अपने संबोधन में आयोजन की खूब सराहना की और कहा कि रतनपुर में कला साहित्य संस्कृति को आगे बढ़ाने में सृजन पीठ का जवाब नहीं । सृजन पीठ के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार वर्मा ने स्वागत भाषण में संस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और फूलों की होली की बधाई दी. इस मौके पर अनिल चंदेल, शुकदेव कश्यप, राजकिशोर तिवारी, मुकेश श्रीवास्तव , डॉ राजू श्रीवास, भानु कश्यप, देवेन्द्र पैकरा, सर्वज्ञ श्रीवास्तव, श्रीमती नीलम वर्मा, ममता श्रीवास्तव, वर्षा श्रीवास्तव, तपेश्वरी कश्यप, रानी साहू, माला साहू, माया सोनी, राजकुमारी बिसेन, शिवानी सोनी, शकुन गुप्ता, पुष्पा तिवारी, प्रेमलता तंबोली, सावित्री रात्रे ,ऊषा चौहान ,अमृतांशा श्रीवास्तव, ईशा सोनी, प्रगति सोनी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व नागरिक गण उपस्थित थे. अंश शर्मा कृष्ण के रुप में एवं उनके छोटे भाई अर्थ शर्मा श्रीराधा जी के रुप में पूरे आयोजन के केंद्र में रहे. अंत में सभी लोगों को प्रसाद वितरण किया गया. कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश श्रीवास्तव ने तथा आभार डॉ राजेंद्र कुमार वर्मा ने व्यक्त किया.

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