शासकीय शिक्षक फंसा  महिला सूदखोर के चंगुल में, चार लाख का वसूला चालीस लाख,फिर भी ब्लैंक चेक से वसूली के लिए प्रताड़ना,पुलिस ने किया मामला दर्ज

वर्षों तक सूदखोरी के चलते मानसिक आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित होने के बाद शिक्षक राधेलाल डहरिया ने पिपरिया थाने में इसकी शिकायत की।

Kawardha कवर्धा।  घरेलू आवश्यकता के चलते महिला सूदखोर से रकम लेकर शासकीय शिक्षक सूदखोरी के चक्रव्यूह में फंस गया। चार लाख रुपए की उधारी के बदले अब तक चालीस लाख रुपए पटाने के बावजूद महिला सूदखोर रकम की मांग कर प्रताड़ित कर रही है। इसके लिए उसने ब्लैंक चेक को हथियार बना लिया है। पुलिस ने शिक्षक की शिकायत पर महिला सूदखोर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामला पिपरिया थाना क्षेत्र का है।

पिपरिया थाना क्षेत्र में रहने वाले शासकीय शिक्षक राधेलाल डहरिया वार्ड क्रमांक  12,इंदौरी में रहते हैं। घरेलू आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने वर्ष 2018 में ग्राम झलमला निवासी शकुन उर्फ सतनाम खुराना पति सतबीर उर्फ लक्की खुराना से चार लाख रुपए उधार लिया था।  जिस पर सूदखोर महिला के द्वारा दस प्रतिशत मासिक ब्याज की दर से रकम वसूली शुरू की गई। वर्षों तक पीड़ित शिक्षक ने जमीन बेचकर,बैंक से लोन लेकर,वेतन से  ली गई राशि का दस गुना चालीस लाख रुपए वसूल लिया। बावजूद इसके   सूदखोर महिला के द्वारा  और रकम की मांग के लिए धमकी, अश्लील गालीगलौज,,परिवार को अपमानित करना और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है।

3 जून 2025 को भी सूदखोर महिला अपने पति के साथ शिक्षक के घर पहुंची और शिक्षक पर दबाव बनाकर चार कोरे चेक में हस्ताक्षर करवा जबरदस्ती ले गई। यही नहीं शिक्षक को स्कूल में भी पहुंचकर और फोन के माध्यम से भी सूदखोर महिला के द्वारा ब्लैकमेल किया जाता था।

वर्षों तक सूदखोरी के चलते मानसिक आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित होने के बाद शिक्षक राधेलाल डहरिया ने पिपरिया थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने मामले में अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 294,351(2),308(2) भारतीय न्याय संहिता एवं छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा चार के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी परिस्थितियों में सूदखोरों से उधार ना लें। यदि धन की आवश्यकता हो तो अधिकृत बैंक या सहकारी संस्थाओं से ही ऋण लेना उचित विकल्प है। नागरिकों को सतर्क करते हुए पुलिस ने कहा है कि कभी किसी को हस्ताक्षरित कोरा चेक न दे। यदि सूदखोरी और ब्लैकमेल का शिकार हो रहे हैं तो पुलिस के पास आए। पुलिस ऐसे मामलों में कठोर कार्यवाही करेगी।