पारिवारिक विवाद के दौरान नाबालिग को आया गुस्सा, मैं फ्लावर नहीं फायर हूँ, फिल्मी डायलॉग बोला और बंदूक से कर दिया फायर, दो घायल, 


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पुलिस ने बंदूक किया जप्त नाबालिग हिरासत में, 

 

 

 

परिवार में विवाद के दौरान गुस्साए नाबालिग ने पुष्पा फिल्म के डॉयलाग “पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं मैं फायर हूं” बोला और अपने दादा की लाइसेंसी बंदूक को जमीन में फायर कर दिया। फायरिंग से भरमार बंदूक का छर्रा जमीन से उछलकर बगल में खड़ी उसकी दादी व एक युवक के दाएं हाथ में लगा, जिससे दोनों घायल हो गए हैं। घटना की सूचना पर सीपत पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को हिरासत में लेकर बंदूक को जब्त कर कार्रवाई कर रही है।

 

 

 

सीपत टीआई गोपाल सतपथी के मुताबिक बीते 13 दिसंबर की रात 16 वर्षीय बालक और उसके चाचा के बीच परिवारिक बातों को लेकर विवाद हो रहा था। जिससे आसपास पड़ोसी व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी। वहां आशीष शिकारी, नाबालिग के दादी अशोक कुमारी शिकारी व अन्य लोग भी खड़े थे। आपस में करीब आधा घंटे से दोनों एक दूसरे के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। इसी बीच गुस्से में आकर नाबालिग दौड़ते हुए अपने घर गया। वहां से भरमार बंदूक लेकर बाहर निकला, और जोर से चिल्लाते हुए पुष्पा फिल्म का डॉयलाग बोला “पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं मैं फायर हूं” फिर नाबालिग ने जमीन पर फायर कर दिया। जिससे छर्रा जमीन से उछलकर दादी और आशीष शिकारी नामक युवक घायल हो गया। फायरिंग की सूचना पाकर सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर नाबालिग को हिरासत में लेकर लाइसेंसी बंदूक जब्त की गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति सामान्य है। पीड़ित आशीष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नबालिग के खिलाफ 110 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

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जनकारी के मुताबिक बंदूक का लाइसेंस आरोपी नाबालिग के दादा के नाम पर है, जो 1987 को शासन के द्वारा जारी किया गया था। तब से बंदूक घर पर थी। इससे पहले कभी भी बंदूक का उपयोग नहीं किया गया। घटना के बाद टीआई ने बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने प्रशासन को पत्र भेजा है।