भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में सत्याग्रह तेज, संदीप शुक्ला ने दिया समर्थन

भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में सत्याग्रह तेज, संदीप शुक्ला ने दिया समर्थन

बिलासपुर / भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) द्वारा अपने अधीन संचालित अस्पताल, स्कूल, गार्डन और दुकानों को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव के खिलाफ चल रहे विरोध ने अब व्यापक जनसमर्थन का रूप लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में जारी भूख हड़ताल सत्याग्रह में कोटा जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष संदीप शुक्ला अपने साथियों के साथ शामिल हुए और आंदोलन को समर्थन दिया।
सत्याग्रह स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संदीप शुक्ला ने केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देशभर में एक सुनियोजित नीति के तहत सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। शुक्ला ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि भिलाई शहर की सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की रीढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बीएसपी के अस्पताल, स्कूल और अन्य जनसुविधाएं केवल कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि आसपास के हजारों नागरिकों के लिए जीवनरेखा हैं। इन्हें निजीकरण के हवाले करना जनता के हितों के साथ सीधा खिलवाड़ है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि निजी हाथों में जाने के बाद इन संस्थानों में सेवाएं महंगी होंगी और आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएंगी।
सभा में संदीप शुक्ला ने विशेष रूप से मैत्री बाग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उद्यान भारत और रूस की ऐतिहासिक मित्रता का प्रतीक रहा है। इसे निजी हाथों में सौंपने का निर्णय भिलाई की पहचान और विरासत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि मैत्री बाग केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भिलाई की सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे किसी भी कीमत पर निजीकरण की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए शुक्ला ने कहा कि भिलाई की मिट्टी केवल लोहा ही नहीं, बल्कि देवेंद्र यादव जैसे फौलाद नेता भी पैदा करती है, जो शासन और प्रशासन के दबाव में पिघलते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भिलाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यदि जरूरत पड़ी तो इसे प्रदेश और देश स्तर तक ले जाया जाएगा।
संदीप शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन अपने निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लेता और जनता की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं करता, तब तक यह सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
सभा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, बीएसपी कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निजीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सत्याग्रह स्थल पर लगातार समर्थन जुटने से यह स्पष्ट हो गया है कि भिलाई की जनता अपने हक और अपनी विरासत की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

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