तीन महीने से सचिव पद पर कब्जा! कार्यभार न मिलने से ग्राम पंचायत में थमा विकास

पूर्व सचिव पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत की तैयारी

बिलासपुर | ग्राम पंचायत पहंदा में विकास कार्य पिछले तीन महीनों से ठप पड़े हैं, और इसके पीछे मुख्य कारण बताया जा रहा है—पदस्थापना के बावजूद नवपदस्थ सचिव को अब तक पूर्ण कार्यभार न मिलना।

जिला पंचायत बिलासपुर के आदेशानुसार श्रीमती सुलेखा मरकाम ने 4 जून 2025 को ग्राम पंचायत पहंदा में सचिव पद का कार्यभार ग्रहण किया था। लेकिन 28 जुलाई तक भी उन्हें पूर्ण रूप से प्रभार नहीं सौंपा गया है। हैरानी की बात यह है कि पूर्व प्रभारी सचिव रंजीत महादेवा, जो इस समय सोनपुरी पंचायत में मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं, अभी भी मोहदा और पहंदा पंचायतों का प्रभार अपने पास रखे हुए हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव प्रभार न मिलने के कारण पंचायत के जरूरी कार्य और योजनाओं का संचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। विकास कार्य अधर में लटक गए हैं और कई हितग्राही योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा।

ग्रामीणों द्वारा जन समस्या निवारण सिविर टेंगनमाड़ा और आमागोहन में इस विषय पर लिखित शिकायत दी गई, लेकिन जिला पंचायत सी ई ओ और कोटा जनपद पंचायत सी ई ओ ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि “प्रभार तो दे दिया गया है।”

उठ रहे हैं कई सवाल

  Bilaspur Crime News:– एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में 1.20 करोड़ की अवैध संपत्ति फ्रीज

क्या पूर्व सचिव जानबूझकर प्रभार सौंपने से बच रहे हैं?

क्या पंचायत में प्रशासनिक अड़चनें किसी साजिश का हिस्सा हैं?

क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में आंखें मूंदे बैठे हैं?


जिला कलेक्टर से होगी शिकायत
ग्राम पंचायत पहंदा के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इस पूरे मामले की शिकायत लेकर आज जिला कलेक्टर बिलासपुर से मिलने की तैयारी में हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और सचिव प्रभार को लेकर बनी अव्यवस्था को तत्काल दूर किया जाए, जिससे पंचायत में विकास कार्य पुनः शुरू हो सकें।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.