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निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से ईलाज बंद
रायपुर । निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से ईलाज बंद हो चुका है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार भुगतान नहीं कर रही मरीज ईलाज के अभाव में भटक रहे है। आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत मरीजों को निःशुल्क उपचार देने वाले अस्पतालों का 1500 करोड़ से ज्यादा का भुगतान लंबित है। प्रदेश के कई छोटे-बड़े अस्पताल मरीजों के इलाज से हाथ खड़े करने लगे हैं और तरह-तरह के बहाने बनाकर मरीजों को बिना इलाज़ के लौटा रहे हैं। कई अस्पताल आधा भुगतान नगद लेन की शर्त पर ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। छोटे और मझोले अस्पताल जो ज्यादातर आयुष्मान कार्ड के भरोसे ही इलाज पर निर्भर थे, वहां तालाबंदी की स्थिति बन चुकी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में स्वास्थ्य सहायता योजना का सरकारी अस्पतालों का भी भुगतान नहीं हुआ है, इसके चलते स्वास्थ्य सुविधा बुरी तरह चरमरा गया है। भाजपा सरकार का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में है। साय सरकार में प्रदेश में दम तोड़ रही है स्वास्थ्य व्यवस्था से इलाज के अभाव में जनता बेमौत मरने मजबूर है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो गयी। भाजपा सरकार के राज में विकास कार्य तो दम तोड़ ही रहे थे। अब पैसों के आभाव में मरीजों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है उनका ईलाज नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार आयुष्मान कार्ड का भुगतान कर मरीजों के इलाज की सुविधा बहाल करें।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर विकसित किया था। सभी जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल के तौर पर विकसित किया था। ब्लॉक के अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं विकसित की थी। अधिकांश जिला अस्पताल में डायलिसिस और क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू किए गए थे। 25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना छत्तीसगढ़ में संचालित थी। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में 4000 से अधिक नियमित पदों पर डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी की भर्तियां की। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना, हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब स्थापित किया था लेकिन अब सरकार बदलते ही विगत 11 महीनों के भीतर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुका है।
