ठगी की रकम भेजते थे चीन-थाईलैंड, 100 करोड़ डॉलर का ट्रांजक्शन मिला


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रायपुर । रायपुर साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों, पवन कुमार और गगनदीप, को गिरफ्तार किया है। ये दोनों दिल्ली से आकर रायपुर में फर्जी पहचान के आधार पर दो फर्जी कंपनियां संचालित कर रहे थे। जिनके खातों में 1 करोड़ 20 लाख यूएस डालर (करीब एक अरब रुपए) के ट्रांजेक्शन मिल गए हैं। इन ट्रांजेक्शन की बाकायदा इनवाइस मिली हैं। पुलिस ने इनसे 102.4 करोड़ मूल्य की अमेरिकी डॉलर इनवॉयस और 2 करोड़ रुपये की रकम होल्ड की है।

 

कैसे हुआ खुलासा?

मामला तब सामने आया जब रायपुर के डॉक्टर प्रकाश गुप्ता ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि पवन और गगनदीप ने रायपुर में अपने आधार कार्ड का पता बदलवाकर फ्रिज टैक सोल और जीपी इंटरप्राइजेस नामक फर्जी कंपनियां बनाई थीं।

 

इन कंपनियों के माध्यम से उन्होंने 30 प्लेटिनियम अकाउंट खोले और ठगी से प्राप्त धन को अमेरिकी डॉलर में बदलकर हॉन्गकॉन्ग और थाईलैंड स्थित संदिग्ध कंपनियों को भेजा।

 

विदेशों से जुड़े तार

आरोपी धनराशि को हाइपरलिंक इंफोसिस्टम लिमिटेड, ब्लू ऑर्किड ग्लोबल, कंसाई इंटरनेशनल लिमिटेड (हॉन्गकॉन्ग) और NRI सिस्टम टेक्नो, परसौल प्रोसेस एंड टेक्नोलॉजी, ग्लोबल विजार्ड टेक्नोलॉजी, डाटा आर्ट टेक्नोलॉजी (थाईलैंड) जैसी संदिग्ध कंपनियों को भेजते थे। इन कंपनियों का उपयोग डिजिटल अपराध और शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी में किया जाता था।

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जब्त सामग्री और अन्य खुलासे

पुलिस ने आरोपियों से 41 बैंक अकाउंट्स, डेबिट कार्ड, चेक बुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, UPI स्कैनर, और डॉलर परचेज इनवॉयस सहित कई दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ में उन्होंने दिल्ली और लुधियाना स्थित अन्य फर्जी कंपनियों का भी खुलासा किया है।

 

 

अन्य राज्यों में भी दर्ज हैं मामले

पवन और गगनदीप के खिलाफ पश्चिम बंगाल, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

 

गिरफ्तार आरोपी:

पवन कुमार (40 वर्ष), पिता सुखबीर सिंह, उत्तम नगर, दिल्ली।

गगनदीप (44 वर्ष), पिता दर्शन लाल, विकासपुरी एक्सटेंशन, दिल्ली।

 

आगे की कार्यवाही जारी

पुलिस अब आरोपियों से मिले सुराग के आधार पर लुधियाना और दिल्ली स्थित अन्य कंपनियों की जांच कर रही है। रेंज साइबर थाना रायपुर को निर्देश दिया गया है कि ठगी की रकम के ट्रांसफर चैन की गहन जांच कर अन्य संलिप्त अपराधियों को भी गिरफ्तार किया जाए।

 

पुलिस की सतर्कता से बची बड़ी ठगी

साइबर पुलिस की सक्रियता से एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य कंपनियों और संदिग्धों की जांच कर रही है।