Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session 2025: प्रदेश में 25907 शिक्षकों के पद खाली, भर्ती पर मुख्यमंत्री ने दिया ये जवाब

Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session 2025:छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर विधानसभा के पटल पर सामने आई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। इस गंभीर मुद्दे को अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने मानसून सत्र के पहले ही दिन उठाया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जो आँकड़े प्रस्तुत किए, वह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई बयां कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कुल 48,559 शासकीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें 25,907 शिक्षकों के पद अब भी खाली पड़े हैं।

Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही की शुरुआत के साथ ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी का मामला प्रमुखता से उठाया गया। अकलतरा के विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश में संचालित शासकीय स्कूलों और उनमें खाली पड़े शिक्षकों के पदों की जानकारी विधानसभा में मांगी। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखित जवाब प्रस्तुत करते हुए स्थिति स्पष्ट की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 48,559 शासकीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में विभिन्न स्तरों के शिक्षकों की नियुक्ति की जरूरत है। मगर कई पद वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं। सरकार ने यह भी माना कि इन खाली पदों की वजह से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

प्रदेश में कितने स्कूल और किस स्तर के?

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की संख्या और उनके वर्गीकरण का ब्यौरा इस प्रकार है:

प्राथमिक शालाएं: 30,726

पूर्व माध्यमिक शालाएं: 13,085

हाईस्कूल: 1,872

हायर सेकेंडरी स्कूल: 2,876

इस प्रकार छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्तरों के कुल 48,559 शासकीय स्कूल संचालित हो रहे हैं।

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कितने शिक्षक पद रिक्त हैं?

अकलतरा विधायक ने अपने प्रश्न में यह भी पूछा कि प्रदेश में सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक, व्याख्याता और प्राचार्य के कितने पद खाली हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि 25,907 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इनमें निम्नलिखित पद शामिल हैं:

पद का नाम रिक्त पदों की संख्या

प्राचार्य 3443
व्याख्याता 6773
प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) 2984
शिक्षक 4750
प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) 1533
सहायक शिक्षक 6424
कुल 25,907

भर्ती प्रक्रिया पर सरकार का जवाब

विधानसभा में विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने यह भी सवाल पूछा कि रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती के लिए सरकार की क्या योजना है और कब तक यह प्रक्रिया पूरी होगी?
इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि,

शिक्षकों की भर्ती एक सतत प्रक्रिया है। इसकी समयसीमा पहले से तय कर पाना संभव नहीं है। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री के इस जवाब से यह स्पष्ट हो गया कि शिक्षकों की भर्ती को लेकर कोई निश्चित तिथि तय नहीं की गई है, लेकिन प्रक्रिया जारी है।


क्या है इसका असर?

छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक के स्कूलों में हजारों पद खाली पड़े हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है।

विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाकर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया। हालांकि मुख्यमंत्री ने जानकारी दी, लेकिन भर्ती की प्रक्रिया में देरी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।