CG News:– 20 जुआरी रंगे हाथ पकड़े, थाना प्रभारी की संदिग्ध लापरवाही पर एसपी ने किया निलंबन

CG News:–थाना क्षेत्र में चल रहे बड़े जुए के फड़ पर थाना प्रभारी ने कार्यवाही नहीं की। एसपी की स्पेशल टीम ने जुआ पकड़ा। संदिग्ध कार्यशैली के चलते थाना प्रभारी को एसपी ने निलंबित कर दिया है।

Korba कोरबा। कोरबा जिले में अवैध जुए के मामले पर पुलिस अधीक्षक ने करतला थाना प्रभारी कृष्ण कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर रजगामार चौकी,सायबर सेल और उरगा थाना के पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम गठित कर करतला थाना क्षेत्र के भेलवाटार जंगल में छापेमारी की गई। इस दौरान लंबे समय से संचालित बड़े जुआ फड़ का पर्दाफाश हुआ और 20 जुआरियों को जुए के दौरान पकड़ लिया गया। थाना स्तर पर इस जुए पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी इसलिए टीआई के निलंबन की कार्रवाई की गई है।

बड़ी जब्ती, बड़े पैमाने पर जुआ संचालन का खुलासा:–

पुलिस ने जुआरियों के कब्जे से लगभग 2.5 लाख रुपये नकद, 26 मोटरसाइकिल, एक कार और 35 मोबाइल फोन जब्त किए। इन जब्तियों से स्पष्ट हुआ कि यह जुआ फड़ सिर्फ जंगल तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के कई इलाकों के लोग इसमें शामिल थे।

जंगल बना जुआरियों का सुरक्षित अड्डा:–

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मिली जानकारी के अनुसार, भेलवाटार जंगल जुआरियों के लिए लंबे समय से सुरक्षित ठिकाना बन चुका था। घने जंगल और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर यहां नियमित रूप से जुए की महफिल सजाई जाती थी। सूचना मिलने पर एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने गोपनीय तरीके से विशेष टीम गठित कर कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस ने जंगल को घेरते ही जुआरियों को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे वे भाग नहीं पाए।

थाना प्रभारी पर गाज गिरी:–

जांच में यह सामने आया कि करतला थाना क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर जुआ संचालित हो रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने प्रभावी कदम नहीं उठाए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने थाना प्रभारी कृष्ण कुमार वर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया। एसपी ने साफ किया कि अवैध गतिविधियों पर नजरअंदाज करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में अपराध समीक्षा मीटिंग में जुआ जैसे सामाजिक अपराध में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हांकित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही न करना पदीय कर्तव्यों/ दायित्वों के प्रति लापरवाही, कर्त्तव्यविमुखता,एवं संदिग्ध कार्यशैली प्रथम दृष्टया हो रहा है। जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया है।

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