बेलगहना में स्मार्ट मीटर विवाद: ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों पर हंगामा

बिलासपुर/कोटा। बेलगहना क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन मीटरों के लगने के बाद से बिजली बिलों में कई गुना वृद्धि हो गई है। पुराने मीटर की तुलना में अब चार से पांच गुना ज्यादा बिल आ रहा है, जिससे उपभोक्ता आर्थिक बोझ से दबते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी है। पुराने मीटर से जहां हर माह औसतन बिल सही आता था, वहीं नए स्मार्ट मीटर ने उनकी कमर तोड़ दी है। स्थिति यह है कि कुछ परिवारों को 20 से 40 हजार रुपये तक के बिल थमा दिए गए हैं, जबकि उनकी खपत पहले मुश्किल से 800 से 1000 रुपये तक होती थी।

बिजली कार्यालय का घेराव
इसी समस्या को लेकर करही कछार और बेलगहना के ग्रामीण मंगलवार को बेलगहना स्थित विद्युत केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मुलाकात की और अपनी समस्याएं विस्तार से बताईं। ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डाल रहा है और यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी।

ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पुराने और नए मीटर रीडिंग के बीच हुई गलतियों को सुधारा जाए और वास्तविक खपत के आधार पर बिल जारी किया जाए। उनका कहना है कि गलत रीडिंग के कारण उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

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ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुविधा देना था, लेकिन हकीकत इसके विपरीत साबित हो रही है। बेलगहना निवासी मोनेश श्रीवास ने बताया कि उनका बिल अचानक 900 रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये आ गया। वहीं एक अन्य उपभोक्ता सक्ति व प्रिया कुमारी और कलेशिया बाई ने कहा कि घर में पंखा और बल्ब ही चलते हैं, लेकिन बिल 3,000 रुपये से ज्यादा का आया है। इससे साफ है कि मीटर रीडिंग में भारी गड़बड़ी है।

समाजसेवी सचिन साहू ने दी चेतावनी
समाजसेवी सचिन साहू ने ग्रामीणों का पक्ष लेते हुए कहा कि यदि विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं करता है तो वे सभी ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पहले से महंगाई की मार झेल रहे हैं, ऐसे में गलत बिजली बिल उन्हें और परेशान कर रहे हैं।

विभाग ने दिया आश्वासन
विद्युत केंद्र पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, उसे सुधारा जाएगा और उपभोक्ताओं के बिल में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

न्याय की उम्मीद
ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग उनकी समस्याओं का समाधान करेगा और सही बिल जारी करेगा। फिलहाल, उपभोक्ताओं ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य

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