जय वीरू के नाम से चर्चित बिलासपुर के कलेक्टर एसपी, प्रशासनिक कामकाज में बेहतर तालमेल,


बिलासपुर। वर्ष 1975 को रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म शोले में अभिनेता अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की जोड़ी आज भी लोगो की दिलो में है और फ़िल्म में दर्शाये गए उनके बीच आपसी तालमेल व सामंजस्य की मिशाल के तौर पर दिया जाता है। ठीक इसी तरह बिलासपुर के जिला मजिस्ट्रेट अवनीश कुमार और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की ये तस्वीरें ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ की मशहूर बॉलीवुड जोड़ी जय और वीरू की याद दिलाती हैं।

उनकी इस जोड़ी की तस्वीर बिलासपुर में एक साथ कैमरे में कैद हुई, जिसकी शहर सहित प्रदेश में खूब चर्चाए हो रही है।
दरअसल अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की कल्ट फिल्म “शोले” में जय और वीरू के रूप में दोस्ती को बॉलीवुड में रील दोस्ती का सबसे अच्छा उदाहरण माना गया है, इसी तरह 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण और 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनेश सिंह के बीच रियल टाइम बॉन्डिंग को छत्तीसगढ़ में सबसे सफल नौकरशाही संबंधों में से एक माना जाता है, जिनके एक-दूसरे के प्रति प्यार और समझ ने उन्हें बहुत अच्छे दोस्त भी बना दिया है। बतादे कि वे दोनों संयुक्त बैठकों से लेकर सेमिनारों तक कानून व्यवस्था की समीक्षा से लेकर सार्वजनिक अभिनंदन तक, बिलासपुर के इन दो तेजतर्रार अफसरों के बीच घनिष्ठता ने पूरे जिले और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना दिया है। लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या उनकी टीम के प्रयास से बिलासपुर जिले में हो रहे अपराधो के खिलाफ कानून का पालन करने वाले नागरिकों के बीच समान प्रभाव पैदा कर पाएंगे। लोगो में चर्चा है कि उनके असाधारण संबंधों के कारण कई दुर्दांत अपराधी पहले ही अपने गलत कामों को छोड़ चुके हैं, जबकि कई खुद को बचाने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। वही किसी अवसर में पूछे जाने पर कलेक्टर और एसपी दोनों ने उल्लेख किया है कि, हर “जय” को “वीरू” की जरूरत होती है और इसके विपरीत ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे। ज्ञात हो कि बलौदा बाजार में हुई घटना प्रशासनिक अधिकारियो के बीच आपसी तालमेल नहीं होना भी माना जा रहा है, हालांकि घटना के बाद राज्य सरकार ने कलेक्टर व एसपी को हटा दिया, यदि दोनों अधिकारियो के बीच आपसी तालमेल और समाजस्य होती तो सम्भवतः इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

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