जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव की तैयारियां शुरू होते ही दलाल सक्रिय,
कलाकार बुलाने, स्मारिका प्रकाशन सहित अन्य कामों में करते हैं दलाली




जांजगीर-चांपाजिला मुख्यालय जांजगीर में आगामी 10 से 12 फरवरी तक आयोजित होने वाले जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेले की प्रशासनिक तैयारियां शुरू होते ही कमीशनखोर सक्रिय हो गए हैं। यही वजह है कि वे इनदिनों कलेक्टोरेट एवं जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर काटते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला के दौरान आमत्रण पत्र एवं स्मारिका प्रकाशन, चाय-नाश्ता एवं भोजन आदि की व्यवस्था, मोमेंटों एवं अन्य सामग्री की खरीदी, छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लोक कलाकार बुलाने, फिल्मी कलाकारों के स्टार नाइट, वाहन व्यवस्था, अतिथि एवं कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था, टेंट सहित अन्य कामों में कुछ चर्चित चेहरे जमकर कमीशनखोरी करते हैं।


तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला की आड़ में चर्चित चेहरों द्वारा कमीशनखोरी का यह सिलसिला वर्षों से जारी है, जो जगजाहिर भी है, जिस पर कलेक्टर को अंकुश लगाने की जरूरत है। ताकि, यह आयोजन इस बार कमीशनखोरी की भेंट न चढ़े। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय जांजगीर में 10 से 12 फरवरी 2024 तक जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का आयोजन होगा, जिसमें मेला आयोजन स्थल हाईस्कूल मैदान जांजगीर में जहां शासकीय और निजी संस्थानों द्वारा स्टाॅल लगाए जाएंगे तो वहीं लोक महोत्सव के मंच पर स्थानीय एवं राज्य स्तर के कलाकारों के अलावा फिल्मी कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही साथ कवि सम्मेलन का आयोजन भी होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के कवि शिरकत करेंगे। लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला की प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, जिसके मद्देनजर इस महोत्सव के चर्चित कमीशनखोर भी अब सक्रिय नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से वे लगातार कलेक्टोरेट एवं जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर काटते हुए दिख रहे हैं। जाहिर है कि वे विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विभिन्न कामों के नाम पर कमीशनखोरी करने की फिराक में हैं। हालांकि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की भनक लग चुकी है। मगर, समय रहते उन चर्चित कमीशनखोरों पर अंकुश लगाना जरूरी हो गया है, ताकि आमजन से जुड़ा यह लोक महोत्सव बेहतर ढंग से संपन्न हो सके।

फिल्मी कलाकार बुलाने के नाम पर दलाली

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला में फिल्मी कलाकार बुलाने के नाम पर स्थानीय चर्चित चेहरों द्वारा मोटा कमीशन लिया जाता है। जानकारों की मानें तो स्थानीय चर्चित चेहरों ने मुंबई में कुछ दलाल सेट कर रखे हंै, जो आयोजन समिति से मोटी रकम लेकर फिल्मी कलाकारों को यहां लाने का काम वर्षों से कर रहे हंै। फिल्मी कलाकारों द्वारा स्टेज शो की जितनी राशि दलालों को बताई जाती है, उससे कहीं अधिक राशि आयोजन समिति से अर्जित कर ली जाती है, जिसे स्थानीय चर्चित चेहरे एवं दलाल आपस में बांट लेते हैं। जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव में फिल्मी कलाकार बुलाने के नाम पर दलाली का यह सिलसिला करीब एक दशक से लगातार जारी है।

कवि सम्मेलन के नाम पर भी कमीशनखोरी

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला के दौरान एक दिन रात्रि के समय में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जिसमें कविताओं की प्रस्तुति के लिए देश के विभिन्न राज्यों से कवि बुलाए जाते हैं, जिन्हें आयोजन समिति की ओर से भारी-भरकम पारिश्रमिक राशि भी प्रदान की जाती है। इस आयोजन की आड़ में भी जमकर कमीशनखोरी होने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हर साल एक ही चेहरे (कवि) को सामने रखकर उनके मनमुताबिक कवियों को आमंत्रित किया जाता है, जिसके एवज में कवियों को जो पारिश्रमिक राशि आयोजन समिति द्वारा भुगतान की जाती है, उसमें से अच्छा खासा कमीशन स्थानीय दलालों को भी मिल जाता है।

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