
रीराइट आर्टिकल:
कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के अधीन संचालित CSEB के HTPP स्थित डिंडोलभांटा और झाबू के राखड़ बांधों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। स्थिति यह है कि इन बांधों में अब राख जमा करने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं बची है। इसके बावजूद बांधों में मिट्टी और राख का मेड़ बनाकर जबरन राख भरी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, हर वर्ष इन राखड़ बांधों से राख खाली करने के नाम पर 15 से 30 करोड़ रुपये तक के कार्य दिखाए जाते हैं। लेकिन हकीकत में ये कार्य कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं। ‘बोगस बिल’ बनाकर बड़े पैमाने पर राशि निकाली जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
इसी लापरवाही और अनियमितताओं के चलते राज्य विद्युत मंडल के अधिकांश राखड़ बांधों में दो से तीन महीनों से ज्यादा राख रखने की क्षमता नहीं बची है। लगातार बढ़ती इस समस्या से पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, जिससे आम लोगों, पशुओं और किसानों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।


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