रेत माफिया की चालबाज़ी – बेलगहना के समाजसेवी सचिन साहू पर झूठे आरोप,कलेक्टर-एसपी से की गई शिकायत


रेत माफिया की चालबाज़ी – बेलगहना के समाजसेवी सचिन साहू पर झूठे आरोप, कलेक्टर-एसपी से की गई शिकायत

बेलगहना। अवैध रेत खनन के खिलाफ लगातार आवाज़ बुलंद करने वाले बेलगहना तहसील के सक्रिय समाजसेवी सचिन साहू अब खुद माफियाओं के निशाने पर हैं। साल 2016 से रेत कारोबार की अनियमितताओं को उजागर कर रहे सचिन साहू पर अब फर्जी आरोप गढ़कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

नवीनतम मामला नगोई पंचायत के नगदहरा क्षेत्र से जुड़ा है। यहाँ पहले से ज़ब्त की गई रेत की आड़ में खनिज विभाग की रसीद दिखाकर रातों-रात अरपा नदी से चैन माउंटेन मशीन लगाकर रेत चोरी की जा रही थी और हाईवे पर बेचा जा रहा था। जैसे ही इसकी जानकारी समाजसेवी सचिन साहू को मिली, उन्होंने तुरंत कलेक्टर, एसडीएम, खनिज विभाग और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी।

सूचना पर प्रशासन की टीम ने रात 10 बजे तक चली कार्रवाई में कई गाड़ियों को ज़ब्त किया और मौके पर पंचनामा बनाया। इस सख्त कार्रवाई से माफिया बौखला उठे और कुछ ही दिनों में सचिन साहू पर मारपीट, पैसों की वसूली और रॉयल्टी पर्ची फाड़ने जैसे गंभीर लेकिन झूठे आरोप लगा दिए।

  जिला प्रशासन की नाक के नीचे कलेक्टोरेट मार्ग में बने ग्रीन जोन में अंधाधुंध हो रही पेड़ो की अवैध कटाई, फिर भी प्रशासन अनजान, भूमाफियाओ के सामने नतमस्तक हुआ प्रशासन, दे रहे खुली छूट..

ये आरोप करहीकछार निवासी संजय यादव ने लगाए हैं। जबकि सचिन साहू का कहना है कि –

1) कार्रवाई के दौरान वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे।

2) किसी भी रॉयल्टी पर्ची को उन्होंने नहीं फाड़ा।

3) पूरी कार्यवाही अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई थी।

4) पत्रकार भी घटनास्थल पर मौजूद थे।

सचिन साहू का साफ कहना है –मैं लगातार अवैध रेत खनन का विरोध कर रहा हूँ, इसलिए माफिया मुझे झूठे मामलों में फँसाने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पहले भी इस तरह के षड्यंत्र रचे जा चुके हैं।”

इस पूरे प्रकरण को लेकर सचिन साहू ने कलेक्टर और एसपी को लिखित शिकायत दी है और संजय यादव व उसके साथियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है।

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि – “रेत माफिया राजनीति और रसूख के बल पर खुलेआम धंधा कर रहे हैं, लेकिन सचिन साहू जैसे ईमानदार लोग उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।”

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