एनआईए के विशेषज्ञों ने दिया पुलिस को प्रशिक्षण

UAPA)गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत जांच कौशल और अभियोजन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

धमतरी जिले में विधि व्यवस्था की सुदृढ़ता एवं संवेदनशील अपराधों की प्रभावी जांच हेतु पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में “UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) अधिनियम 1967 के प्रावधानों एवं विवेचना से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला” का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला पुलिस अधीक्षक कार्यालय धमतरी के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्स.ऑप्स.)सहित जिले के नक्सल क्षेत्र के थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों,नक्सल सेल के अधिकारी–कर्मचारी शामिल हुए।

पुलिस अधीक्षक परिहार ने अपने उद्धबोधन में कहा कि “देश विरोधी गतिविधियों, आतंकवाद, और प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना आज के समय की आवश्यकता है। (UAPA) गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम जैसे सशक्त विधिक उपकरण के तहत सटीक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना ही अभियोजन की सफलता का आधार होती है।”

कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया:


▪️ (UAPA)गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम की धाराओं की व्याख्या एवं उसका दायरा
▪️ गिरफ्तारी की प्रक्रिया एवं विधिक सावधानियाँ
▪️ डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्य के संग्रहण की विधि
▪️ अनुसंधान में NIA और ATS जैसी एजेंसियों के समन्वय की आवश्यकता
▪️ विचारणीय अदालती प्रक्रियाओं की जानकारी

  बालको से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव, यह यात्रा बनेगी एक आदर्श: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि (UAPA) गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम के मामलों में प्रामाणिक दस्तावेज, तकनीकी विश्लेषण और समयबद्ध कार्यवाही विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। कार्यशाला का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना था।

कार्यशाला के अंत में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे (UAPA)गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की विवेचना में पूर्ण सावधानी, गंभीरता तथा संवेदनशीलता बरतें, ताकि किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को जड़ से समाप्त किया जा सके।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला से अधिकारियों को जटिल कानूनों को बेहतर ढंग से समझने और उनका उचित अनुपालन करने में सहायता मिलेगी।

उक्त एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में अति.पुलिस अधीक्षक (नक्स.ऑप्स.) शैलेन्द्र पांडेय,प्रशिक्षक: प्रदीप कुमार यादव,उप पुलिस अधीक्षक एनआईए, बीओ.रायपुर, आयुष भट्ट,पीपी.एनआईए, बीओ.रायपुर, अभिषेक गुप्ता,पी.पी.,एनआईए, बीओ रायपुर,एसआईए., भोला नाथ डे निरीक्षक एनआईए.बीओ. रायपुर,
एसआईए.से उप निरी. रमेश साहू एवं नक्सल थाना प्रभारी,नक्सल सेल, रीडर सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।