KORBA: बांकीमोगरा नगर पालिका में पलटी राजनीति, अपने ही नेता प्रतिपक्ष पर पार्षदों ने लगाए गुमराह करने के आरोप

कोरबा। नगर पालिका परिषद बांकीमोगरा में इन दिनों राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। यहां पहले की गई शिकायत से अब खुद पार्षद ही पीछे हटते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस पार्षद दल ने जिस मधुसूदन दास को अपना नेता प्रतिपक्ष चुना था, अब उन्हीं पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कई पार्षदों ने शिकायत से किनारा कर लिया है।

संयुक्त संचालक, नगरीय निकाय विभाग बिलासपुर को पार्षद रूबी गुप्ता के नेतृत्व में भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पूर्व में किए गए आवेदन पर उनसे धोखे से हस्ताक्षर कराए गए थे। इस कारण 7 पार्षदों ने उस शिकायत का औपचारिक खंडन कर दिया है।

पत्र में स्पष्ट किया गया कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर लगाए गए आरोप—जैसे वार्डों में भेदभाव, पार्षद निधि रोकना, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और राशि के दुरुपयोग—पूरी तरह निराधार हैं। पार्षदों का कहना है कि सभी 30 वार्डों में पार्षद निधि समय पर आवंटित की जा रही है और विकास कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं।

पार्षदों ने यह भी कहा कि नगर पालिका में टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और ऑनलाइन प्रणाली के तहत संचालित होती है, जिससे मनमानी की कोई गुंजाइश नहीं है। नवगठित नगर पालिका होने के बावजूद सीमित संसाधनों के बीच भी विकास कार्य सुचारू रूप से जारी हैं और प्रशासन “भगवान भरोसे” नहीं चल रहा।

  सड़क हादसे में फायरमैन के भतीजे की मौत

गौरतलब है कि पूर्व में इसी मामले में 13 पार्षदों के हस्ताक्षर से शिकायत की गई थी, लेकिन अब उनमें से 7 पार्षदों ने उससे दूरी बना ली है।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने पलटवार करते हुए कहा कि नगर पालिका में दबाव की राजनीति की जा रही है। उनके अनुसार कुछ लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर पार्षदों से यह खंडन कराया गया है।

क्या थी मूल शिकायत?

इससे पहले संयुक्त संचालक को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बांकीमोगरा नगर पालिका में टेंडर प्रक्रिया मनमाने ढंग से संचालित हो रही है। बिना सूचना दिए टेंडर खोले जाते हैं, समय सीमा में बदलाव किया जाता है और ठेकेदारों को जानकारी नहीं दी जाती। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए थे।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि विरोध करने वाले पार्षदों के वार्ड में काम रोक दिया जाता है या निधि में कटौती की जाती है। इसके अलावा टेंडर आवंटन में अनियमितता और राजस्व को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।

अब पार्षदों के इस यू-टर्न के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है और नगर पालिका की राजनीति में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।

Newsdesk's avatar
About Newsdesk 346 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.