Highcourt Judge Transfer News:–14 हाईकोर्ट जजों के स्थानांतरण की अनुशंसा,

छत्तीसगढ़ के जस्टिस का तबादला प्रयागराज हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उच्च न्यायपालिका में व्यापक फेरबदल का मसौदा तैयार करते हुए 14 हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर की सिफारिश की है। यह प्रस्तावित सूची मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। इसमें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय अग्रवाल का नाम भी है, जिन्हें इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की अनुशंसा की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सूची में जस्टिस अरुण मोंगा का नाम भी दर्शाया गया है। उन्हें हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया गया था। उनकी मूल हाईकोर्ट पंजाब-हरियाणा है। इसके साथ ही कॉलेजियम ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के बाद वरिष्ठ जज जस्टिस अतुल श्रीधरन को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने की योजना बनाई है।

संभावित ट्रांसफर सूची:–
1. जस्टिस संजय अग्रवाल – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ➜ इलाहाबाद हाईकोर्ट
2. जस्टिस जे. निशा बानु – मद्रास हाईकोर्ट ➜ केरल हाईकोर्ट
3. जस्टिस दिनेश मेहता – राजस्थान हाईकोर्ट ➜ दिल्ली हाईकोर्ट
4. जस्टिस अवनीश झिंगन – राजस्थान हाईकोर्ट ➜ दिल्ली हाईकोर्ट
5. जस्टिस संजय कुमार सिंह – इलाहाबाद हाईकोर्ट ➜ मद्रास हाईकोर्ट
6. जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल – इलाहाबाद हाईकोर्ट ➜ कलकत्ता हाईकोर्ट
7. जस्टिस मनवेंद्रनाथ रॉय – गुजरात हाईकोर्ट ➜ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
8. जस्टिस डोनाडी रमेश – इलाहाबाद हाईकोर्ट ➜ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
9. जस्टिस संदीप नटवरलाल भट्ट – गुजरात हाईकोर्ट ➜ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
10. जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा – केरल हाईकोर्ट ➜ दिल्ली हाईकोर्ट
11. जस्टिस तारा वितस्ता गंजू – दिल्ली हाईकोर्ट ➜ पटना हाईकोर्ट
12. जस्टिस सुभेंदु समंता – कलकत्ता हाईकोर्ट ➜ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

ध्यान दें: सूची में जस्टिस अरुण मोंगा का नाम भी शामिल बताया गया है; वे हाल ही में राजस्थान से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित हुए थे।

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पृष्ठभूमि: मई में भी हुआ था बड़ा बदलाव
यह कदम कॉलेजियम द्वारा हाल ही में की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 26 मई को कॉलेजियम ने 22 जजों के तबादले की अनुशंसा की थी। उसी समय चार हाईकोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीशों को बदलने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे बाद में अधिकांश मामलों में स्वीकृति मिली थी।

आगे क्या होगा? कॉलेजियम की अनुशंसाएं केंद्र सरकार को भेजी जाती हैं।

विधि मंत्रालय और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही ट्रांसफर की अधिसूचना जारी होती है।

मौजूदा सूची पर अंतिम निर्णय केंद्र की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।

अस्वीकरण
यह सूची कॉलेजियम की प्रस्तावित अनुशंसा पर आधारित है। वास्तविक नियुक्ति या स्थानांतरण केवल केंद्र सरकार की स्वीकृति और अधिसूचना जारी होने के बाद ही प्रभावी होंगे।

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