आरक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट की मुहर: अनियमितता के आरोप खारिज, सभी याचिकाएं निराकृत

Bilaspur Highcourt News:– आरक्षक भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाते हुए सभी याचिकाओं को निराकृत कर दिया है। पुलिस विभाग की ओर से प्रस्तुत जवाब और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत माना।

Bilaspur बिलासपुर। जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2023-24 से संबंधित सभी याचिकाओं का मंगलवार को हाईकोर्ट द्वारा अंतिम रूप से निपटारा कर दिया गया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन नहीं पाया गया है, इसलिए सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं।

उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को जारी भर्ती परिणाम को लेकर कई अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि चयन एवं प्रतीक्षा सूची में अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंकों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। इसके बाद 14 दिसंबर को संशोधित सूची जारी की गई थी, जिस पर भी सवाल उठाए गए थे।

इसके अतिरिक्त याचिकाओं में यह भी कहा गया था कि एक ही अभ्यर्थी का एक से अधिक जिलों में चयन दर्शाया गया है, वहीं कुछ मामलों में कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को चयनित किए जाने का आरोप लगाया गया था।
इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विभाग ने न्यायालय को विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया। विभाग की ओर से बताया गया कि जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2023-24 के अंतर्गत आरक्षक पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके बाद वर्गवार आरक्षण के प्रावधानों के अनुरूप अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची जारी की गई थी।

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पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिला स्तर पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई थी, जहां अभ्यर्थियों से प्राप्त शिकायतों का रिकॉर्ड के आधार पर परीक्षण कर समाधान किया गया। सभी शिकायतों का नियमानुसार निराकरण किया गया था।
सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी मानते हुए सभी याचिकाओं को निराधार करार दिया और उन्हें निराकृत कर दिया।

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