CG Board News:– 10वीं– 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 75% से कम उपस्थिति के चलते 1413 विद्यार्थी नहीं दे सकेंगे नियमित परीक्षा, प्राइवेट के रूप में छूट

Raipur रायपुर। 20 फरवरी से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों के अनुसार 75% से कम उपस्थिति के चलते 1413 विद्यार्थी नियमित परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा नहीं दे सकेंगे हालांकि छात्र हित को ध्यान में देखते हुए इन्हें प्राइवेट रूप से परीक्षा देने की अनुमति माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दी है।

10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में इस बार 5 लाख 46 हजार 430 विद्यार्थियों ने अपना पंजीयन करवाया है। इन परीक्षार्थियों ने नियमित छात्र-छात्रा के रूप में परीक्षा फॉर्म भरा है। पर इनमें से 1413 विद्यार्थी ऐसे हैं जिनकी स्कूलों में और कक्षाओं में उपस्थित 75% से कम है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों के अनुसार प्रत्येक नियमित विद्यार्थी की कक्षा में उपस्थित 75% अनिवार्य है। पर इनकी उपस्थित 75% से कम है। इनमें ज्यादातर विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के हैं। स्कूल के प्राचार्यों द्वारा इसकी जानकारी बोर्ड को पहुंची है।

जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है उनमें दसवीं के 1063 बच्चे तथा 12वीं के 350 बच्चे शामिल है। उनकी उपस्थिति 75% से कम है। जिसके चलते मंडल ने उन्हें रेगुलर स्टूडेंट के रूप में परीक्षा देने से अपात्र घोषित कर दिया है। हालांकि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्राइवेट परीक्षा थी के रूप में परीक्षा देने की छूट रहेगी।

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मंडल के नियमों के अनुसार विशेष परिस्थितियों में मंडल के द्वारा 10% तक की छूट उपस्थिति में दी जा सकती है। अब जिनके नियमित परीक्षार्थी के रूप में आवेदन निरस्त हुए हैं ऐसे परीक्षार्थी फीस की अंतर की राशि एवं घोषणा पत्र जमा कर प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में मुख्य परीक्षा दिला सकते हैं।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव आईएएस पुष्पा साहू के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रवेश एवं परीक्षा के संबंध में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को उपस्थिति के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर दिए थे 75% से कम उपस्थिति वाले बच्चों की जानकारी स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा ही मंडल को उपलब्ध करवाई गई है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को स्वाध्यायी छात्र के रूप में परीक्षा में बैठने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

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