CG:– आईपीएस डांगी पर लगाए गए आरोपों में नया मोड़, शिकायतकर्ता महिला का ऑडियो वायरल — कहा, “यौन उत्पीड़न जैसी कोई बात नहीं, सीनियर ऑफिसर बुलाएंगे तो मैं जाकर सब बता दूंगी”

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ IPS अधिकारी रतनलाल डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप अब हर दिन नए मोड़ ले रहे हैं। शुरुआत में महिला ने डांगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद अब एक कथित ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें महिला साफ तौर पर कह रही हैं कि उसने यौन उत्पीड़न की शिकायत नहीं की।

CG:– आईपीएस रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली महिला का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया है। इस ऑडियो में महिला यह कहती सुनाई दे रही है कि उसने यौन उत्पीड़न को लेकर कोई शिकायत नहीं की है, और ऐसा कुछ हुआ भी नहीं है। महिला कहती है — “जब भी सीनियर ऑफिसर जांच के लिए बुलाएंगे, मैं खुद जाकर बता दूंगी कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।” ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला एकदम नए मोड़ पर पहुंच गया है।

Raipur रायपुर। आईपीएस डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच शिकायतकर्ता महिला का वायरल ऑडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो महिला और एक पत्रकार के बीच बातचीत का है, जिसमें महिला स्पष्ट तौर पर कह रही है कि उसने किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की शिकायत नहीं की। वह आगे कहती है कि “जब भी जांच के लिए बुलाया जाएगा, मैं सीनियर अफसरों से मिलकर बता दूंगी कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।” इस ऑडियो के सामने आने के बाद राज्यभर में इस मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

वायरल ऑडियो

2003 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी वर्तमान में राज्य पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, चंद्रखुरी में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नर की दौड़ में उनका नाम प्रमुखता से शामिल था, लेकिन इससे पहले ही यह विवाद सामने आ गया।
डांगी ने 15 अक्टूबर को पुलिस विभाग में कार्यरत एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीजीपी को शिकायत दी थी। उनके मुताबिक, इस मामले में महिला का पति भी शामिल है। लेकिन अगले ही दिन, यानी 16 अक्टूबर को उसी महिला ने आईपीएस डांगी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

शुरुआती जानकारी में सामने आया कि महिला ने डांगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। बताया गया कि सोशल मीडिया के जरिये दोनों की जान-पहचान हुई थी और महिला वीडियो कॉल पर डांगी को योग सिखाया करती थी। धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच घरेलू स्तर पर भी संबंध बन गए थे। इसके बाद महिला ने दावा किया कि वह पिछले सात वर्षों से परेशान थी और उसी आधार पर उसने शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि, अब जो ऑडियो वायरल हुआ है, उसमें महिला अपने ही आरोपों से पीछे हटती नजर आ रही है।

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ऑडियो में जब पत्रकार पूछता है, “आपने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसा कुछ नहीं था?”, तो महिला जवाब देती है, “हां, यौन उत्पीड़न जैसी कोई बात नहीं है।” पत्रकार जब जांच कमेटी की बात करता है, तो महिला कहती है — “जब भी मुझे सीनियर ऑफिसर बुलाएंगे, मैं जाकर बता दूंगी कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। आप मीडिया वाले बिना कंफर्मेशन के कोई खबर न चलाएं।”

सरकार ने मामले की जांच के लिए आईपीएस आनंद छाबड़ा और आईपीएस मिलना कुर्रे की अगुवाई में विशेष टीम गठित की है। टीम को सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी बीच, शिकायतकर्ता महिला की छोटी बहन का भी बयान सामने आया है। उसने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उसकी बहन आदतन शिकायत करने वाली है। उसके अनुसार, जब वह सातवीं कक्षा में थी, तब उसने अपने पिता से पैसे मांगे और पैसे न देने पर पिता पर ही यौन शोषण का मामला दर्ज करा दिया था। बहन ने आगे कहा कि बड़ी बहन ने उसके और उसके पति के खिलाफ एक्ट्रोसिटी और मारपीट का झूठा केस भी लगाया था। शादी के बाद भी उसने अपने पुलिसकर्मी पति से झगड़े किए और आत्महत्या की कोशिश की थी। बहन का कहना है कि वह शुरू से ही झगड़ालू स्वभाव की रही है और अक्सर झूठी शिकायतें करती रही है।

वहीं, आईपीएस रतनलाल डांगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महिला की छोटी बहन के बयान से यह साबित होता है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इस पूरे प्रकरण को गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक तरीके से पेश किया है, जिससे उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा है।
डांगी ने बताया कि झूठी रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया में फैल रही गलत खबरों से उनका परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उनकी पत्नी भी इस पूरे घटनाक्रम से बेहद आहत और व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि उनका सेवाकाल हमेशा निष्कलंक रहा है और वे राज्य पुलिस सेवा के अग्रणी अधिकारियों में से एक रहे हैं।

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