Bilaspur Education News:- अनुकंपा नियुक्ति में गड़बड़ी? शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप,संभागीय जांच की मांग , डीईओ-बीईओ प्रक्रिया पर उठे सवाल अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हाईकोर्ट तक जाएंगे – गौरहा



Bilaspur Education News:- बिलासपुर शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरपी आदित्य से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच की मांग की। गौरहा का कहना है कि यदि जांच में देरी या दबाव हुआ तो वह इसे मुख्य सचिव और हाईकोर्ट तक ले जाएंगे।


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बिलासपुर। जिला शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला अब संभागीय स्तर तक पहुंच गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरपी आदित्य से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में देरी हुई या मामले को दबाने की कोशिश की गई तो वह इसे हाईकोर्ट तक ले जाएंगे।

एक महीने से लंबित शिकायत पर उठे सवाल

गौरहा ने बताया कि उन्होंने लगभग एक माह पूर्व संभागायुक्त और संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत भेजी थी, लेकिन अब तक न तो शिकायत का कोई जवाब मिला और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अगर मामले में लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदार अधिकारियों को न्यायालय में जवाब देना होगा।

‘अनुकंपा नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी’

अंकित गौरहा ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा विभाग में एक दर्जन से अधिक अनुकंपा नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि पात्र आवेदकों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को नौकरी दी गई और कथित तौर पर इसमें भारी लेन-देन भी हुआ। गौरहा ने कहा कि डीईओ द्वारा बीईओ स्तर पर जांच कराना तकनीकी रूप से उचित नहीं है और जिला स्तर की टीम से जांच कराई जानी चाहिए।

अन्य जिलों के आवेदकों की नियुक्ति का भी आरोप
गौरहा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अन्य जिलों के आवेदकों को भी अनुकंपा नियुक्ति दी गई है, जो नियमों के खिलाफ है।

संयुक्त संचालक ने दिए जांच के संकेत

संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरपी आदित्य ने कहा कि लंबी छुट्टी से लौटने के बाद उन्होंने अभी तक सभी शिकायत पत्र नहीं देखे हैं। उन्होंने मामले की समीक्षा और जल्द ही एक जांच टीम गठित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी माना कि बीईओ स्तर पर जांच कराना उचित नहीं है।

जरूरत पड़ी तो मुख्य सचिव और कोर्ट जाएंगे
पत्रकारों से चर्चा में गौरहा ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई तो वह इसे मुख्य सचिव के संज्ञान में लाएंगे और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

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