छत्तीसगढ़ में महादेव एप के बाद शिवा बुक ऑनलाइन सट्टा एप रैकेट का खुलासा, नागपुर से 6 आरोपी गिरफ्तार, 20 करोड़ के ट्रांजेक्शन का पर्दाफाश

खैरागढ़ (CG)। छत्तीसगढ़ में महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के बाद अब “शिवा बुक” नामक एक और बड़े ऑनलाइन सट्टा एप का भंडाफोड़ हुआ है। खैरागढ़ पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से नागपुर स्थित शिवा बुक एप के ऑफिस पर दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से साढ़े छह लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया है, वहीं 20 करोड़ से अधिक के सट्टा ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है।

यह कार्रवाई छुईखदान थाना क्षेत्र में सामने आए एक ऑनलाइन जुए के मामले के बाद की गई। आरोपी द्वारा पूछताछ में शिवा बुक एप का नाम सामने आने पर एसपी लक्ष्य शर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और छुईखदान पुलिस की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के बाद नागपुर में चल रहे ऑपरेशन के ठिकाने की पहचान की।

नागपुर में किराए के फ्लैट से चल रहा था ऑनलाइन सट्टा कारोबार
पुलिस टीम ने नागपुर के एक किराए के फ्लैट पर छापा मारा, जहां से मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

क्षत्रपाल पटेल (राजनांदगांव)

निकुंज पन्ना व समीर बड़ा (जशपुर)

  रतनपुर वार्ड नं. 13 में निर्दलीय सनत तंबोली का दमदार जनसंपर्क – टेलीफोन छाप को मिल रहा जबरदस्त समर्थन!

धनंजय सिंह

चंद्रशेखर अहिरवार

डूमेश श्रीवास (दुर्ग)

जप्त सामग्री में शामिल हैं:

₹50,000 नकद

बैंक खातों में ₹2.28 लाख

25 मोबाइल फोन

2 लैपटॉप

26 एटीएम कार्ड

19 बैंक पासबुक

14 चेक बुक

4 वाई-फाई राउटर

8 आधार कार्ड, 1 पासपोर्ट

11 सिम कार्ड

4 रजिस्टर (लेन-देन का हिसाब)

सट्टा नेटवर्क का संचालन दुर्ग के अंडा क्षेत्र से
प्राथमिक जांच में पता चला कि शिवा बुक एप का संचालन दुर्ग के अंडा क्षेत्र से किया जा रहा था और नागपुर समेत कई शहरों में इसकी ब्रांचें थीं। सट्टे की रकम यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से ली-दी जा रही थी।

मुख्य संचालक फरार, तलाश जारी
मुख्य आरोपी वेदप्रकाश जोशी (निवासी अंडा, दुर्ग) अभी फरार है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। जब्त बैंक खातों को सीज कर विस्तृत जांच शुरू की गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस, विशेषकर केसीजी पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो महादेव एप के बाद राज्य में दूसरे सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर लगाम लगाने में सफल रही है।

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