Warning: Trying to access array offset on false in /home/u317775268/domains/fatafatsamachar.co.in/public_html/wp-content/themes/mh-magazine-lite/includes/mh-custom-functions.php on line 144
Warning: Attempt to read property "post_title" on null in /home/u317775268/domains/fatafatsamachar.co.in/public_html/wp-content/themes/mh-magazine-lite/includes/mh-custom-functions.php on line 144
CG:–इंडियन ओवरसीज बैंक राशि गबन मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा दो हजार पन्नो का चालान चार आरोपियों के खिलाफ आज अदालत में पेश किया गया है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक करोड़ 65 लाख रुपए का फर्जी ज्वेल लोन निकालने के मामले में ईओडब्लू ने बैंक के तत्कालीन प्रबंधक,सहायक प्रबंधक और दो लिपिकों को आरोपी बनाया है।
Raipur रायपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक के राशि के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जांच कर दो हजार पन्नो की चालान अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ जमा की है। फर्जी तरीके से कूट रचना कर कंप्यूटर सिस्टम से फर्जी ज्वेल लोन तैयार कर एक करोड़ 65 लाख 44 हजार रुपए का गबन कर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और दो लिपिकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर चारों को गिरफ्तार किया गया था। मामले की विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ दो हजार पन्नो का चालान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय रायपुर में जमा किया गया है।
ब्यूरो के अपराध क्रमांक-01/2023, धारा-13 (1) (क) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 एवं 409, 467, 468, 471, 120बी, 201 भा.द.वि में बैंक अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा मिलकर आपसी सहमति से कुटरचित कर दिसम्बर 2022 से फरवरी 2023 तक इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा राजिम, जिला-गरियाबंद में 17 खाताधारकों के नाम से बिना खाताधारकों के बैंक में उपस्थित हुए, बिना कोई फार्म व्हाउचर भरे तथा बिना उनकी सहमति के अवैधानिक रूप से फर्जी तरीके से कूटरचना कर कम्प्यूटर सिस्टम से फर्जी ज्वेल लोन तैयार कर 1,65,44,000 /- रूपये का गबन कर बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचायी गयी थी।
उक्त आरोप में आज 27 जून को इंडियन ओवरसीज बैंक, शाखा राजिम, जिला-गरियाबंद के 04 आरोपीगण सुनील कुमार (तत्कालीन शाखा प्रबंधक), अंकिता पाणिग्रही (तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक), योगेश पटेल (तत्कालीन लिपिक) एवं खेमन लाल कंवर (तत्कालीन लिपिक) के विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 2000 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। बता दे चारों आरोपियों की पूर्व से ही गिरफ्तारी ईओडब्लू के द्वारा हो चुकी है।
