5 महिला नक्सली सहित 6 नक्सलियाें ने किया आत्मसमर्पण


Warning: Trying to access array offset on false in /home/u317775268/domains/fatafatsamachar.co.in/public_html/wp-content/themes/mh-magazine-lite/includes/mh-custom-functions.php on line 144

Warning: Attempt to read property "post_title" on null in /home/u317775268/domains/fatafatsamachar.co.in/public_html/wp-content/themes/mh-magazine-lite/includes/mh-custom-functions.php on line 144

दंतेवाड़ा । जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियन लोन वर्राटू तथा छग शासन की पुनर्वास नीति के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं बात कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा छग. शासन की पुनर्वास नीति तथा शासन द्वारा चलाये जा रहे “नियद नेल्ला नार” योजना एवं अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार खाेले जा रहे सुरक्षा कैंप से बढ़ते दबाव के फलस्वरूप बुधवार काे दंतेवाड़ा एसपी कार्यालय में 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसमें पांच महिला के साथ एक पुरुष नक्सली शामिल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आमत्मसमर्पित नक्सलियाें में 1. बुरगुम पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर हुंगा उर्फ हरेन्द्र कुमार माड़वी निवासी बुरगुम गायतापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा, 2. बुरगुम पंचायत मिलिशिया सदस्य आयते मुचाकी निवासी बुरगुम बोज्जापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा, 3. बुरगुम पंचायत सीएनएम सदस्य शांति उर्फ जिम्मे कोर्राम निवासी बुरगुम पुजारीपाल थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा, 4. बुरगुम डीएकेएमएस सदस्य हुंगी सोड़ी निवासी बुरगुम गायतापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा, 5. बुरगुम पंचायत डीएकेएमएस उपाध्यक्ष हिड़मे मरकाम निवासी बुरगुम गायतापारा थाना अरनपुर जिला दंतेवाड़ा, 6. बुरगुम पंचायत केएएमएस सदस्य जोगी सोड़ी निवासी बुरगुम गायतापारा थाना अरनपुर जिला दंतेवाड़ा ने आत्मसमर्पण कर दिया है। दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से चलाई जा रही आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को 25 हजार की सहायता राशि दी जा रही है।

  IAS Transfer: छत्तीसगढ़ मे आईएएस अफसरों के प्रभार, बदले देखें आदेश. .

 

इसके साथ ही बाकी अन्य सुविधाओं के अलावे हर महीने 10 हजार की आर्थिक मदद आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिल रही है। उन्हाेने बतया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को तीन वर्ष तक मुफ्त आवास और भोजन की सुविधा के साथ स्किल डवलपेंट, के साथ कृषि योग्य भूमि भी दी जा रही है।