नशे के कारोबार में लिप्त GRP आरक्षकों की करोड़ों की संपत्ति जब्त


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बिलासपुर । सुरक्षा ड्यूटी के दौरान गांजा तस्करी में शामिल चार जीआरपी आरक्षकों की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है। इन आरोपियों ने ट्रेन में पेट्रोलिंग और चेकिंग ड्यूटी के दौरान महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, चांपा, सक्ति और रायगढ़ जैसे स्थानों पर गांजा तस्करी को अंजाम दिया। इस कृत्य में उन्होंने प्राइवेट व्यक्तियों को भी शामिल किया, जिनके माध्यम से गांजा खरीदारों तक सप्लाई किया गया।

 

ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई

एसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस द्वारा नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच की और उन्हें अटैच किया।

 

गांजा तस्करी का खुलासा

23 अक्टूबर को जीआरपी थाना बिलासपुर में आरोपी योगेश सोंधिया और रोहित द्विवेदी से 20 किलोग्राम गांजा जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि जीआरपी के आरक्षक लक्ष्मण गाईन, मन्नू प्रजापति, संतोष राठौर और सौरभ नागवंशी इस तस्करी में शामिल थे।

 

आरोपियों की संपत्ति जब्त

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अचल संपत्ति:

लक्ष्मण गाईन:

सिरगिट्टी, बिल्हा में 1600 वर्गफुट जमीन और मकान। अनुमानित मूल्य: ₹50 लाख।

संतोष राठौर:

फरसवानी, कोरबा में 5232 वर्गफुट जमीन। अनुमानित मूल्य: ₹10 लाख।

मन्नू प्रजापति:

नगपुरा बोदरी और सिरगिट्टी में कई भूखंड। कुल अनुमानित मूल्य: ₹80 लाख।

 

चल संपत्ति:

हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल: ₹2.8 लाख।

टाटा सफारी कार: ₹20 लाख।

हुंडई वेन्यू कार: ₹5 लाख।

 

प्रकरण कोर्ट में

यह मामला सफेमा कोर्ट, मुंबई में प्रस्तुत किया गया है। एसपी ने इस कार्रवाई के लिए जांच टीम की सराहना की और पुरस्कार की घोषणा की। बिलासपुर पुलिस का यह कदम नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचने और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उद्देश्य से मील का पत्थर साबित हो रहा है।