कांग्रेसियों के बीच गाली गलौज को लेकर पूर्व महापौर को नोटिस जारी,24 घंटे में मांगा जवाब


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 कल कांग्रेस भवन में पूर्व महापौर राजेश पांडे और महामंत्री सुबोध हरितवाल के बीच हुए विवाद के बाद आज शहर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी ने राजेश पांडे को अर्मयादित भाषा का उपयोग करने के लिए नोटिस दे 24 घंटे में जवाब मांगा है।

 

बिलासपुर। बिलासपुर जिले में प्रदेश अध्यक्ष के आगमन के दौरान कल हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल और पूर्व महापौर राजेश पांडे के मध्य हुए विवाद में शहर अध्यक्ष कांग्रेस विजय पांडे ने पूर्व महापौर राजेश पांडे को नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री सुबोध हरितवाल के साथ असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार को अनुशासनहीनता के दायरे में मान 24 घंटे में लिखित जवाब मांगा गया है। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

यह है मामला:–

नगरीय निकाय चुनाव के पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कल 27 नवंबर को बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की बैठक करने पहुंचे थे। यह बैठक दोपहर 2:00 बजे आयोजित की गई थी। पर 2 घंटे देर से प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे। बिलासपुर में कांग्रेस भवन में उन्होंने बैठक ली और नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं से बातचीत कर विपक्षी पार्टी बीजेपी को हराने के संबंध पर सलाह– मशविरा कर रणनीति तय की। सभी कांग्रेसियों को एकजुट रहने और वरिष्ठों का सम्मान करने की नसीहत दीपक बैज ने दी। जिसके बाद दीपक बैज निकल गए।

माइक में बोलने नहीं देने से शुरू हुआ विवाद:–

मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ नेताओं के अलावा अन्य नेताओं को भी माइक में बोलने और विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जाना था जिसके लिए नाम भी तय किए गए थे। वक्तव्य देने वालों में कांग्रेस नेता पूर्व महापौर राजेश पांडे का भी नाम था। जिनके नाम को महामंत्री और प्रभारी सुबोध हरितवाल ने काट दिया। प्रदेश अध्यक्ष के जाने के बाद राजेश पांडेय ने आपत्ति जताते हुए महामंत्री सुबोध हरितवाल से कहा कि आप बैठक लेने आए हैं कार्यकर्ताओं को भी बोलने का मौका मिलना चाहिए ताकि जमीनी सच्चाई जान सके। इतने में प्रदेश महामंत्री और प्रभारी सुबोध हरितवाल ने उनसे कहा कि अब तू हमको बतायेगा कि हमे क्या करना है। सुबोध हरितवाल के इस तरह से बात करने से राजेश पांडे के नाराज़ हो गए और कांग्रेसियों में आपस में जूतम पैजार की स्थिति आ गई और जमकर गाली गलौज हुई। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने किसी तरह विवाद शांत करवाया।

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युवा नेता के द्वारा सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का अपमान करने पर कार्यकर्ता भी नाराज हो गए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पदाधिकारी हमें नौकर समझकर दुर्व्यवहार कर रहे हैं और युवा नेता वरिष्ठों को सार्वजनिक रूप से गाली बक रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भी बुजुर्ग नेता से सुबोध हरितवाल के द्वारा दुर्व्यवहार करने पर निंदा की। उन्होंने सुबोध हरितवाल को तुरंत प्रभार से हटाने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस में सरकारी नियुक्ति की तरह पदाधिकारी बनाए जा रहे हैं जो कांग्रेस को जानते नहीं और नतीजा सामने है।

विवाद के दौरान कुछ वरिष्ठ कांग्रेसियों ने यहां तक कहा कि अगर पद नहीं संभाल सकते तो पद छोड़ देना चाहिए। संगठन को हवा हवाई तरीके से चलाया जा रहा है। शादी में गए थे फिर बुकेट पिकनिक मनाने के लौटते समय कोरबा,बिलासपुर की बैठक लेने का मन बन गया। राहुल गांधी सीरियसली बैठक लेते हैं, बुजुर्गों का सम्मान करते हैं। लेकिन उनके प्रदेश के पदाधिकारी सीनियर नेताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। वही सारा अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा कि कांग्रेस जिंदा लोगों की पार्टी है,घटना बैठक के बाद हुई इस पर में कोई पुष्टि नहीं करूंगा लेकिन शब्दों की मर्यादा सभी को रखना चाहिए हदीस पर्दा होनी चाहिए लेकिन शब्दों के नियंत्रण के साथ होनी चाहिए। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।जिसके बाद एक पक्ष को आज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

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