झोलाछाप डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से गर्भवति महिला की हुई मौत, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, प्रदेशभर में झोलाछाप डॉक्टरों का काला कारोबार जारी

जांजगीर चांपा। जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की नाकामी के चलते झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानदारी जारी है। जबकि इस कारोबार के कारण मासूम लोगों को अपनी जान गवानी पड़ रही है।

नवागढ़ थाना इलाके में एक गर्भवती महिला की मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हो गई। पुलिस के मुताबिक गर्भवति महिला झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करा रही थी। इस बीच डॉक्टर ने महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि महिला की मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में मौत की वजह गलत इंजेक्शन लगाने से होने की पुष्टि हुई है। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। करीब डेढ़ साल पहले रुक्मणि नाम की महिला की शादी हीरागढ़ के सहदेव कश्यप से हुई थी। महिला चार माह की गर्भवती थी। 8 दिन पहले ही इलाज के लिए ध्रुवतो सिकदार के पास भर्ती कराई गई। इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।

बताते चलें कि 1 सितम्बर की रात हीरागढ़ गांव में गर्भवती रुक्मणि देवी के हाथ पैरों में दर्द होने लगा। झोलाछाप डॉक्टर ने महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद महिला की सांस फूलने लगी। उसके नाक से खून बहने लगा। महिला की हालत गंभीर होते देख उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला के शव को न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने की पुष्टि हुई। इस पर नवागढ़ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सरकारी संरक्षण में फल फूल रहें झोलाछाप डॉक्टर
एक अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर के गांवों में झोलाछाप डॉक्टर बड़ी संख्या में अपना काला कारोबार संचालित कर रहें हैं। शासन प्रशासन कार्रवाई करना चाहती तो मितानीनों के माध्यम से इनकी जानकारी इकट्ठा कर सकते थे। लेकिन अवैध कमाई के लालच में अफसरों ने अपने आँख कान बंद कर लिया। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही और गरीब जनता झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से बेमौत मर रही है।

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