बस्तर पुलिस का दावाः माओवादी संगठन में विद्रोह, आपसी कलह में मारे जा रहे छोटे कैडर, तेलुगू कैडर विजय रेड्डी के इशारे पर हुई नक्सली विज्जा मड़काम की हत्या, देखिए वीडियो…

रायपुर। बस्तर आईजी पुलिस सुंदर राज पी ने बताया कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण माओवादी संगठन में विद्रोह हो गया है। तेलुगू भाषी माओवादी नेता स्थानीय कैडर पर शक कर रहें हैं और उनकी हत्या करवा रहें हैं। उन्होंने कहा कि विगत 8 महीनों में बस्तर संभाग के अंतर्गत सुरक्षा बलों द्वारा तेलंगाना राज्य के निवासी माओवादी कैडर DKSZC सदस्य जोगन्ना, DKSZC सदस्य रंधीर, TSC सदस्य, CRC कमाण्डर सागर, DVCM विनय उर्फ रवि जैसे शीर्ष माओवादी कैडर्स के शव विभिन्न मुठभेड़ के पश्चात बरामद की गई एवम् इस अवधि में महाराष्ट्र राज्य निवासी माओवादी कैडर ACM संगीता उर्फ सन्नी तथा उडीसा निवासी PPCM लक्ष्मी का भी शव मुठभेड़ के पश्चात बरामद किया गया। इस प्रकार बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के रहने वाले शीर्ष माओवादी कैडर्स का नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारा जाना छत्तीसगढ़ में पहली बार हुआ है।

File photo

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा यह भी बताया गया कि प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी सीपीआई माओवादी संगठन द्वारा एक रणनीति के तहत सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान स्थानीय माओवादी कैडर्स को एक “मानव सुरक्षा कवच” यानी ह्यूमन शील्ड के रूप में इस्तेमाल करते हुए बाहरी राज्य के शीर्ष माओवादी कैडर्स द्वारा मौके का फायदा उठाकर अपनी जान बचाकर भाग जाते हैं। लेकिन हाल-फिलहाल में हुई मुठभेड़ों के दौरान बाहर राज्य के शीर्ष माओवादी कैडर्स की यह रणनीति विफल होते हुए नजर आ रही है। उनका दावा है कि पुलिस को विश्वनीय सूत्रो से मिल रही आसूचना से यह बात सामने आ रही है कि वर्ष 2024 में तेलंगाना/उड़ीसा/महाराष्ट्र एवं अन्य प्रांत के सीनियर कैडर्स की हो रही र्दुगति को देखते हुये माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में खलबली मच गई है, जिससे बाहर के माओवादी कैडर्स द्वारा स्थानीय माओवादी कैडर्स के ऊपर संदेह एवं शक करते हुये, उन्हे कई प्रकार से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे माओवादी संगठन में विश्वासघात व विद्रोह की स्थिति निर्मित हो रही है।

कांकेर जिले में हुई नक्सली विज्जा मड़काम की हत्याः पुलिस
उपरोक्त परिस्थिति में दिनांक 06 सितम्बर, 2024 को जिला कांकेर के थाना परतापुर क्षेत्र अंतर्गत मलमपेंटा जंगल में राजनांदगांव-कांकेर डिवीजन के ACM विज्जा मड़काम को उन्हीं के खुद के माओवादी संगठन के नेतेलगू कैडर नेता विजय रेड्डी के ईशारे पर माओवादियों ने संगठन के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाकर हत्या कर दिया गया। माओवादी शीर्ष नेतृत्व द्वारा माओवादी संगठन के इन सभी अंदरूनी कलह से खुद के माअेावादी कैडर तथा जनता का ध्यान भटकाने के लिये ख़ुद के द्वारा मारे नक्सलियों को पुलिस मुखबिर/क्रान्तिकारी विरोधी/संगठन की गद्दारी करने जैसे मनगढ़ंत कहानी बताते हुए झुठे एवं तथ्यविहीन प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा रही है।

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि विगत दिनों माओवादी संगठन को बस्तर संभाग अंतर्गत दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ईलाका में भारी क्षति उठाना पड़ा है, जिसके कारण प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी संगठन अभी दिशा-विहीन एवं नेतृत्व विहीन हो चुका है। बाहरी प्रांत के शीर्ष माओवादी नेतृत्व विगत 30-40 वर्षा से स्थानीय माओवादी कैडर्स को सिर्फ एक मानव सुरक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल करते हुये करोड़ों-अरबो रुपयों की लूट-खसोट की गई है। अब स्थानीय माओवादी कैडर्स के सामने बाहरी माओवादी कैडर्स बेनकाब होते जा रहे हैं, जिसके कारण से मावोवादियों में आपस में विश्वासघात एवं विद्रोह की स्थिति बढ़ते जा रहा है।

  बालको से क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव, यह यात्रा बनेगी एक आदर्श: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज द्वारा यह भी बताया गया कि अब स्थानीय माओवादियों कैडर्स के पास हिंसा छोड़कर शासन के समक्ष आत्मसमर्पण करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है। बस्तर क्षेत्र के शांति, सुरक्षा एवं विकास के लिये यह उचित होगा की प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी सीपीआई माओवादी संगठन कुछ शीर्ष कैडर तथा उनके गिने-चुने समर्थकों की साजिश/चंगुल से बाहर आकर माओवादी कैडर्स समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सुरक्षित एवं विकसित बस्तर की भागीदारी बने।

इसके अलावा भी बस्तर आईजी ने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। माओवादी गुटों में बढ़ती आंतरिक कलह की कुछ प्रमुख घटनाएं

(1) District Bijapur: गंगालूर एरिया कमेटी की आंतरिक कलह:

दिनांक 02 अक्टूबर 2020 को गंगालूर एरिया कमेटी के डीव्हीसीएम विज्जा मोड़ियाम और डीव्हीसीएम सचिव दिनेश के बीच गंभीर टकराव हुआ। इसके परिणामस्वरूप, दिनेश और उनके साथियों ने विज्जा की हत्या कर दी। यह टकराव क्षेत्र में निर्दोष आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं को लेकर हुआ।

(2) District Bijapur: पामेड़ एरिया की घटना:

दिनांक 13 अगस्त 2024 को पामेड़ एरिया में Naxal कम्युनिकेशन टीम के एसीएम पद पर कार्यरत मनीष कुरसम ऊर्फ राजू की मुखबिरी के आरोप में हत्या कर दी गई। मनीष सावनार के निवासी थे।

(3) Telangana State – कोट्टागुडेम जिले की घटना :

दिनांक 21 अगस्त 2024 को आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) पार्टी नेतृत्व ने महिला कैडर एसीएम राधा ऊर्फ नीलसो (उम्र 26) की पुलिस इनफार्मर होने के आरोप में हत्या कर दी। राधा सुरक्षा टीम कमांडर के रूप में कार्यरत थीं।

(4) District Rajnandgaon -Kanker Border area Committe
जिला कांकेर एवं मानपुर मोहला के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन RKBD डिवीजन के प्रभारी तेलगू कैडर विजय रेड्डी के मनमानी हरकतों से स्थानीय कैडर को अनेक प्रकार के प्रताड़ना एवं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाहरी तेलगू नक्सली विजय रेड्डी के विरुद्ध स्थानीय माओवादी कैडर ACM राजू तथा उनकी पत्नी राजे मड़काम द्वारा सवाल जवाब करना शुरू कर दी। उपरोक्त परिस्थिति में दिनांक 06 सितम्बर, 2024 को जिला कांकेर के थाना परतापुर क्षेत्र अंतर्गत मलमपेंटा जंगल में राजनांदगांव-कांकेर डिवीजन के ACM विज्जा मड़काम को उन्हीं के खुद के माओवादी संगठन के ने तेलगू कैडर विजय रेड्डी के ईशारे पर माओवादियों ने संगठन के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाकर हत्या कर दिया गया।

अपने ही साथी नक्सलियों के द्वारा मारे गए विज्जा मड़काम का शव

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.