सक्रिय नक्सली नंगा ने सुरक्षा बलों के सामने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ शासन की ”छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘ नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से किया गया आत्मसमर्पण।

सुकमा। जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाया जा रहा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर। तथा अतिसंवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव और नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने से और स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की इरादे से नक्सली संगठन में सक्रिय नक्सली 60 साल के नंगा उर्फ नागेश हेमला जो जोन्नागुडा आरपीसी जनताना सरकार का उपाध्यक्ष था।

उसने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में विरेन्द्र कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी 217 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। उक्त नक्सली को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 217 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा की रही है विशेष प्रयास।

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आधिकारियों के मुताबिक उपरोक्त सदस्य प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध बेनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहा है।

उक्त आत्मसमर्पित नक्सली को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराया जायेगा।

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