प्रशासनिक ब्यवस्था से त्रस्त किसान ने किया धरना शुरू , धान का बोनस कम मिला, आगजनी की क्षतिपूर्ति नहीं दे रहे, अविवादित बटवारा, नामांतरण साल भर से लंबित,मामले को लेकर कर रहा पेड के नीचे आंदोलन पढ़िए पूरी ख़बर..



पटवारी ने मनमर्जी बना दी रिपोर्ट, आगजनी की क्षतिपूर्ति नहीं मिला, धान का बोनस भी कम मिला
अविवादित बटवारा नामांतरण चार साल बाद भी नहीं हुआ

रतनपुर। तहसीलदार से चर्चा के बाद भी मांगों को लेकर संतोषजनक सार्थक पहल नहीं होने पर किसान ने रतनपुर तहसील कार्यालय सामने अपना अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना आंदोलन शुरू कर दिया है।



धान बिक्री का बोनस कम मिलने, खलिहान में रखी धान की फसल के जल जाने की क्षतिपूर्ति नहीं मिलने और पैतृक जमीन का बंटवारा वारिसों के नाम नहीं करने पर नाराज किसान नारायण प्रसाद यादव ने 15 जून से तहसील कार्यालय रतनपुर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने की सूचना कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को दी थी। गुरुवार को तहसीलदार रतनपुर ने किसान नारायण प्रसाद यादव से उनकी मांगों पर चर्चा की थी। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर निवासी किसान नारायण प्रसाद यादव ने बताया कि खरीफ सीजन में उसके खलिहान में रखी धान की फसल आगजनी की घटना में जल कर राख हो गई। इसकी शिकायत 22 अक्टूबर 2023 को ही कर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग कर दी थी । घटना के छह महीने बाद  पटवारी उनकी अनुपस्थिति में मौके पर गया और अपनी मर्जी से रिपोर्ट तैयार कर दी।

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इसके चलते उसकी आग से जली फसल के नुक़सान का मुआवजा नहीं मिला है। किसान नारायण यादव ने बताया बीते साल उसने सरकारी समर्थन मूल्य पर धान बेची है। इस पर शासन के द्वारा तय बोनश की राशि 28500 रुपए कम मिला है। इसकी भी शिकायत की गई है। इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे ही उसके नाम की पैतृक संपत्ति है जिसे वो अपने वारिसानों के नाम पर करना चाहते हैं। इस पर किसी भी किसी प्रकार का विवाद नहीं है। अविवादित बंटवारा नामांतरण का मामला तहसील कार्यालय रतनपुर में चार साल से लंबित है। इसका निराकरण नहीं किया जा रहा है। इससे नाराज किसान नारायण यादव ने शनिवार से तहसील कार्यालय रतनपुर के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

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