फाइलों में अटकी सीतामढ़ी-उरगा फोरलेन परियोजना: जर्जर और संकरी सड़क पर जान जोखिम में डालने को मजबूर शहरवासी

कोरबा: कोरबा शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली बेहद महत्वपूर्ण सीतामढ़ी-उरगा फोरलेन सड़क परियोजना पिछले काफी समय से प्रशासनिक लालफीताशाही का शिकार है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करीब 56 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन वित्तीय या प्रशासनिक मंजूरी न मिलने के कारण यह काम फाइलों में ही अटका हुआ है। इसका खामियाजा रोजाना हजारों राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।

मुख्य चिंताएं (Highlights):

दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण: अत्यधिक जर्जर और संकरी सड़क पर भारी वाहनों (Heavy Vehicles) की लगातार आवाजाही के चलते हर वक्त बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।

खतरनाक पुल: इस मार्ग पर स्थित 16 पुराने और संकरे पुलों की रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जो आए दिन हादसों का केंद्र बन रहे हैं।

अस्थायी मरम्मत बेकार: सड़कों पर लाखों रुपये खर्च कर की जाने वाली पैचवर्क या मरम्मत से कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है; अब फोरलेन निर्माण ही एकमात्र विकल्प बचा है।

कीचड़ और गड्ढों के बीच सफर:

लगभग सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत वर्तमान में बदतर हो चुकी है। बारिश के मौसम में सड़क गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो गई है। कोयला व अन्य भारी वाहनों के बीच से दोपहिया और चौपहिया वाहनों का गुजरना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय नागरिकों और जन प्रतिनिधियों द्वारा लगातार मांग किए जाने के बावजूद शासन स्तर पर इस परियोजना को हरी झंडी नहीं मिल सकी है, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है।

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