SECL बिलासपुर: श्रद्धा महिला मंडल ने शुरू किया वृक्षारोपण अभियान, मानसून में 1000 पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य

*विश्व पर्यावरण दिवस: श्रद्धा महिला मंडल ने किया वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ, मानसून में 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य*

 

*बिलासपुर।* विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल (SECL) बिलासपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्साह और संकल्प के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

 

*???? अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने किया शुभारंभ*

इस अभियान की शुरुआत 4 जून को वसंत क्लब परिसर में श्रद्धा महिला मंडल की माननीय अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन द्वारा पौधारोपण करके की गई। इस अवसर पर महिला मंडल की उपाध्यक्षों और अन्य सदस्यों ने भी पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 

 

*????️ फलदार पौधों और जूट के थैलों का वितरण*

जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों और कर्मचारियों को फलदार पौधे और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) जूट के थैले वितरित किए गए। 

 

*???? मानसून सत्र के लिए दिया 1000 पौधों का बड़ा टारगेट*

अपने संबोधन में अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने श्रद्धा महिला मंडल की सभी क्षेत्रीय समितियों को आगामी मानसून सत्र के दौरान कम से कम 1000 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है और इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक बड़ा अभियान बनाने पर जोर दिया।

  2 दिसंबर 2025 की रात्रि में अवैध लकड़ी परिवहन का खुलासा....

 

*???? पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प*

इस गरिमामय कार्यक्रम में श्रद्धा महिला मंडल की पदाधिकारी, सदस्य और एसईसीएल के कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का सामूहि

क संकल्प लिया।

Newsdesk's avatar
About Newsdesk 346 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.