RAYGARH BREAK: रायगढ़ में एक और हाथी के बच्चे की डूबने से मौत; 1 महीने में 4 मौतों से वन विभाग कटघरे में

खरसिया रेंज की मांड नदी में मिला शव, जिले में जनवरी से अब तक 9 शावकों की जा चुकी है जान

4 दर्जन से अधिक हाथियों का दल इलाके में सक्रिय, ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचा वन अमला

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों के बच्चों (कलभ) की लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामले में रायगढ़ वन मंडल के खरसिया रेंज अंतर्गत मांड नदी के गुरदा क्षेत्र में हाथी के एक बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला।

मिली जानकारी के अनुसार, जिस क्षेत्र में हाथी के बच्चे का शव मिला है, वहाँ इन दिनों 4 दर्जन (लगभग 50) से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा है। आज सुबह करीब 9 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह पानी में डूबना बताई जा रही है, हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

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31 दिनों में 4 और 5 महीने में 9 मौतें:

गौरतलब है कि अकेले मई महीने के भीतर रायगढ़ जिले में पानी में डूबने से तीन हाथी के बच्चों की मौत हो चुकी है। अब इस ताजा घटना को मिलाकर बीते 31 दिनों के भीतर 4 शावकों की जान जा चुकी है। वहीं अगर वन विभाग के ही सरकारी आंकड़ों को देखें, तो जनवरी से लेकर अब तक (पिछले 5 महीनों में) जिले में कुल 9 कलभ की मौत हो चुकी है।

इतनी बड़ी संख्या में लगातार हो रही मौतें वन प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों की मॉनिटरिंग की पोल खोल रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर विभाग के खिलाफ आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है।

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