कोरबा में मौसम का कहर: आंधी-तूफान के बीच पेड़ की डाल गिरने से 3 किशोरों की दर्दनाक मौत

⛈️ ओलावृष्टि, भारी बारिश और राख के गुबार से जनजीवन अस्त-व्यस्त; कई इलाके अंधेरे में डूबे

कोरबा। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच शनिवार को कोरबा जिले में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। एकाएक आए भीषण आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने शहर से लेकर गांव तक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच पाली थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक खबर आई, जहां पेड़ की भारी-भरकम डाल गिरने से तीन किशोरों की जान चली गई।

???? हृदयविदारक हादसा: डाल बनी काल, उजड़ गए तीन घरों के चिराग

घटना पाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पहाड़गांव के बाईसेमर मोहल्ले की है। शाम को अचानक आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश से बचने के लिए तीन किशोर एक पेड़ के नीचे रुक गए थे। इसी दौरान तेज हवा के झोंके से पेड़ की एक भारी-भरकम डाल टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले और इलाज के दौरान तोड़ा दम: चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर तीनों को तुरंत पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन रास्ते में ही एक किशोर ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी दो की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

मृतकों की पहचान:

कमलेश (18 वर्ष), पिता- समर साय

दिनेश तिर्की (17 वर्ष), पिता- ओमप्रकाश तिर्की

शिवराम टेकाम (14 वर्ष), पिता- समर सिंह गोंड़

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(सभी निवासी: बाईसेमर चोरकाडांड, ग्राम पंचायत पहाड़गांव)इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस और तहसीलदार श्री मांडवी मौके पर पहुंचे।

सांसद और पूर्व विधायक ने जताया शोक: कोरबा सांसद डॉ. ज्योत्सना महंत ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। वहीं, पूर्व विधायक मोहित राम केरकेट्टा ने भी अधिकारियों से बात कर शोकाकुल परिवारों को नियमों के तहत तत्काल प्रशासनिक व आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

????️ आंधी-तूफान ने मचाई तबाही: ‘फ्लाई ऐश’ और ‘कोल डस्ट’ की मार

बारिश शुरू होने से ठीक पहले अप्रत्याशित गति से चली आंधी ने कोरबा को प्रदूषण के गुबार में ढंक दिया।

राख और कोयले की बारिश: पावर प्लांटों की उड़ती राख (फ्लाई ऐश) के गुबार ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं, पश्चिमांचल के इलाकों में कोयले की धूल (कोल डस्ट) की कालिमा छा गई। बाद में हुई तेज बारिश ने इस डस्ट से राहत तो दी, लेकिन सड़कों पर कीचड़ का अंबार लगा दिया।

फसलों को भारी नुकसान: पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक सहित कई ग्रामीण अंचलों में भारी ओलावृष्टि (पत्थरबाजी) हुई है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

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